पीक ऑवर्स में देना होगा 2 गुना चार्ज; Ola-Uber जैसी कंपनियों की मौज?

Ola-Uber Price: Ola, Uber, InDrive या Rapido जैसी ऐप से टैक्सी का इस्तेमाल अगर आप रोजाना करते हैं, तो आपके सफर का खर्च जल्द ही बढ़ने वाला है। केंद्र सरकार ने इन कैब एग्रीगेटर्स को किराया बढ़ाने की अनुमति दे दी है।

Ola-Uber Price: अगर आप भी Ola, Uber, Indrive, Rapido जैसी सर्विस का इस्तेमाल करते हैं, तो आपके लिए ये खबर अच्छी नहीं है. रोड-ट्रांसपोर्ट मंत्रालय ने राइड सर्विस देने वाली कंपनियों के लिए नई गाइडलाइंस (Uber Ola pricing guidelines) जारी की हैं। मुमकिन है कि इसके बाद आपको अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए दोगुना किराया तक देना पड़े। मिनिमम यानी बेस फेयर में भी एक जरूरी बदलाव हुआ है।

कैब सेवाओं के लिए केंद्र की नई गाइडलाइंस

  • अगर कोई ड्राइवर राइड एक्सेप्ट करने के बाद उसे बिना उचित कारण रद्द करता है, तो उस पर कुल किराए का 10% तक जुर्माना लगाया जाएगा। ये रकम ड्राइवर और कैब कंपनी के बीच बांटी जाएगी. यही नियम यात्रियों पर भी लागू होगा. अगर वे बिना ठोस कारण के बुकिंग कैंसिल करते हैं, तो उन्हें भी ये फीस देना होगा.
  • सरकार ने सभी एग्रीगेटर्स को निर्देश दिए हैं कि वो अपने ड्राइवरों को कम से कम ₹5 लाख का स्वास्थ्य बीमा और ₹10 लाख का टर्म इंश्योरेंस उपलब्ध कराएं। इससे ड्राइवर को राइड के दौरान अगर कुछ होता है तो उसे एक वित्तीय सेफ्टी भी मिलेगी.
  • हर टैक्सी और बाइक टैक्सी में अब व्हीकल लोकेशन और ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) लगाना जरूरी होगा। इस डिवाइस का डेटा न केवल कैब एग्रीगेटर के सर्वर से बल्कि राज्य सरकार के नियंत्रण केंद्र से भी जुड़ा रहेगा। इससे रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी।
  • ड्राइवरों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अब हर ड्राइवर को साल में एक बार रिफ्रेशर ट्रेनिंग लेनी होगी। साथ ही, जिन ड्राइवरों की रेटिंग सबसे कम 5% में आती है, उन्हें हर तिमाही में ट्रेनिंग लेना जरूरी होगा. ऐसा ना करने पर उन्हें सेवाएं देने से रोका जा सकता है।
  • सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस 2025 जारी की हैं। इन नए दिशा-निर्देशों के तहत अब राज्य सरकारों को ये अधिकार दिया गया है कि वो निजी (नॉन कमर्शियल) मोटरसाइकिलों को भी राइड के लिए एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म्स पर शामिल करने की अनुमति दे सकती हैं।

इस फैसले के बाद ओला, उबर, रैपिडो जैसे प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से अब निजी बाइकों के जरिए भी लोग राइड ले सकेंगे, अगर राज्य सरकार इसकी अनुमति देती है. इससे खास तौर पर उन इलाकों में सुविधा बढ़ेगी, जहां सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता सीमित है और छोटी दूरी की यात्रा के लिए बाइक टैक्सी अधिक कारगर विकल्प बन सकती है।

 

 

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