
बलिया में एंबुलेंस को नहीं मिला पेट्रोल, मरीज की मौत; DM का सख्त एक्शन
UP News: प्रदेश के बलिया जिले में एक बेहद संवेदनशील और लापरवाही से भरी घटना सामने आई है, जहां एंबुलेंस में पेट्रोल खत्म होने के कारण एक बुजुर्ग मरीज ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है।
🟥 क्या है पूरा मामला?
बैरिया थाना क्षेत्र के पांडेपुर गांव निवासी छोटू वर्मा को 22 अप्रैल की देर रात अचानक सीने में तेज दर्द उठा। परिजन उन्हें तत्काल एक निजी एंबुलेंस के जरिए अस्पताल ले जा रहे थे। लेकिन गांव से करीब 2 किलोमीटर दूर एंबुलेंस का पेट्रोल खत्म हो गया।
🟥 पेट्रोल पंप पर नहीं मिला तेल
परिजन एंबुलेंस को पास के भूषण पेट्रोल पंप तक ले गए, लेकिन आरोप है कि वहां मौजूद कर्मचारियों ने एंबुलेंस को पेट्रोल देने से मना कर दिया। जबकि जांच में सामने आया कि पंप पर पर्याप्त मात्रा में ईंधन मौजूद था।
🟥 CCTV और जांच में हुआ खुलासा
सीसीटीवी फुटेज और कर्मचारियों से पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ कि स्टॉक होने के बावजूद एंबुलेंस को तेल नहीं दिया गया। इस लापरवाही को मरीज की मौत का मुख्य कारण माना जा रहा है।
🟥 DM का बड़ा एक्शन
जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने मामले को गंभीर मानते हुए पेट्रोल पंप संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही बैरिया के SDM को भी शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है, क्योंकि उन्हें घटना की सूचना देने के बावजूद उन्होंने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
🟥 अधिकारियों की लापरवाही पर सवाल
घटना के दौरान एंबुलेंस चालक ने SDM को फोन पर जानकारी दी थी, लेकिन समय पर कोई मदद नहीं मिली। इस लापरवाही ने एक जान ले ली, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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🟥 सभी पेट्रोल पंपों को सख्त निर्देश
घटना के बाद जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों की बैठक बुलाई गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट आदेश दिए कि एंबुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को प्राथमिकता के आधार पर ईंधन उपलब्ध कराया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाएं न हों।
यह घटना केवल एक लापरवाही नहीं, बल्कि सिस्टम की गंभीर विफलता को उजागर करती है। समय पर ईंधन मिलने से एक जान बच सकती थी। अब देखना होगा कि प्रशासन की यह कार्रवाई भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में कितनी प्रभावी साबित होती है।





