Bengal SIR में बड़ा खुलासा… Voter List से 46.30 लाख नाम हटाने के दायरे में

West Bengal SIR: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से संदिग्ध नामों को हटाने की प्रक्रिया तेजी से जारी है। भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा 4 नवंबर से शुरू किए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision — SIR) के तहत अब तक 46.30 लाख नाम ऐसे पाए गए हैं, जिन्हें वोटर लिस्ट से हटाया जाना चाहिए। यह आंकड़ा मंगलवार शाम तक गणना प्रपत्रों के डिजिटलीकरण के आधार पर सामने आया है।

24 घंटे में 2.70 लाख नए संदिग्ध वोटर्स
सोमवार शाम तक यह संख्या 43.50 लाख थी। यानी सिर्फ 24 घंटों में 2.70 लाख नए नाम ऐसे मिले, जिन्हें हटाने की जरूरत है। यह तेज़ी से चल रही जांच का संकेत माना जा रहा है।

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, मंगलवार तक मिले 46.20 लाख संदिग्ध वोटर्स में से सबसे बड़ी संख्या मृत मतदाताओं की है।

22.28 लाख मृत वोटर्स की पहचान
समीक्षा के दौरान पता चला है कि जिन नामों को हटाने लायक पाया गया, उनमें से 22.28 लाख नाम मृत मतदाताओं के हैं। यह कुल संदिग्ध वोटर्स का लगभग 48% हिस्सा है।

अन्य श्रेणियों में भी बड़ी संख्या

  • 6.40 लाख— लापता मतदाता
    इन मतदाताओं के बारे में पड़ोसियों और अधिकारियों की स्थानीय जांच में पता चला कि वे अब इस पते पर नहीं रहते।
  • 16.22 लाख— स्थानांतरित (Shifted) मतदाता
    ये वे लोग हैं जो

* नौकरी

* शादी

* स्थायी स्थान परिवर्तन

जैसे कारणों से किसी दूसरे शहर या राज्य में रहने चले गए हैं।

  • 1.05 लाख— डुप्लिकेट वोटर्स
    ये वे मतदाता हैं जिनका नाम दो अलग-अलग स्थानों या बूथों पर दर्ज है। चुनाव आयोग ऐसी प्रविष्टियों को गंभीर अनियमितता मानता है।

राज्य में कुल मतदाता 7.66 करोड़
27 अक्टूबर तक जारी अंतिम मतदाता सूची के अनुसार, पश्चिम बंगाल में कुल वोटर्स की संख्या 7,66,37,529 है। SIR के बाद इस संख्या में उल्लेखनीय बदलाव संभव है।

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24 घंटों में साफ-सुथरे बूथों की संख्या में बदलाव
चुनाव आयोग ने मंगलवार को बताया कि उन बूथों की संख्या में भी उतार-चढ़ाव आया है जहां

  • न मृत वोटर
  • न डुप्लिकेट नाम
  • न ही शिफ्टेड वोटर

मौजूद हैं।

2,208 बूथ मिले पूरी तरह साफ
सोमवार को ECI ने बताया था कि ऐसे 2,208 पोलिंग बूथ मिले हैं जहां एक भी संदिग्ध नाम नहीं था। अधिकारी इन बूथों को “Clean Booths” की श्रेणी में रखते हैं।

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ECI का उद्देश्य: 2026 विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को शुद्ध बनाना
विशेष गहन पुनरीक्षण मुख्य रूप से अगले वर्ष प्रस्तावित चुनावों की तैयारी से जुड़ा है। चुनाव आयोग चाहता है कि मतदान से पहले सूची को पूरी तरह अपडेट कर दिया जाए ताकि

  • फर्जी मतदान
  • मृत वोटर्स के नाम का दुरुपयोग
  • डुप्लिकेट वोटिंग

को रोका जा सके।

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