
मछली पर गरमाई बिहार की सियासत… रवि किशन बोले- मछलियों से भी कम मिलेंगे वोट
Ravi Kishan: जैसे-जैसे बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखें नजदीक आ रही हैं, वैसे-वैसे राजनीतिक माहौल गरमाता जा रहा है। नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तंजों का दौर भी तेज हो गया है। अब कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बेगूसराय में तालाब में मछली पकड़ने की तस्वीरों को लेकर सियासी हलचल मच गई है।
रवि किशन का कटाक्ष — “जितनी मछलियां पकड़ीं, उससे भी कम वोट मिलेंगे”
भाजपा सांसद रवि किशन ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि एनडीए के नेता जनता से सीधे संवाद कर रहे हैं, वहीं राहुल गांधी तालाब में मछली पकड़ने में व्यस्त हैं।
रवि किशन ने पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि 2 नवंबर को राहुल गांधी ने जितनी मछलियां पकड़ीं, उससे भी कम वोट उन्हें मिलेंगे। यह वाकई मजेदार है, लेकिन ठीक है, चलिए इसकी सराहना करते हैं कि राहुल गांधी का तैरने का तरीका काफी मनोरंजक था और सभी ने इसका आनंद लिया।
उन्होंने आगे कहा कि जब राहुल गांधी तालाब में मछलियां पकड़ रहे थे, तब भाजपा नेता घर-घर जाकर जनता से संवाद कर रहे थे और एनडीए के समर्थन में माहौल बना रहे थे।
हम वोट बटोर रहे थे, वे मछली पकड़ रहे थे: रवि किशन
रवि किशन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरु गोबिंद सिंह जी की जन्मस्थली पर पहुंचे और जनता के बीच विकास कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता से एक-एक वोट के लिए संवाद कर रही है, जबकि विपक्ष केवल दिखावे की राजनीति कर रहा है।
“हम जनता के बीच जाकर वोट बटोर रहे थे, वे मछली पकड़ने में व्यस्त थे। हमारा मकसद बिहार को नई छलांग दिलाना है, जबकि राहुल गांधी चुनाव को एक पिकनिक बना रहे हैं,” रवि किशन ने कहा।
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NDA का दावा, घोषणा पत्र ने जनता में भरी नई ऊर्जा
रवि किशन ने यह भी कहा कि भाजपा और एनडीए का नया घोषणा पत्र बिहार के विकास के लिए नई दिशा और ऊर्जा लेकर आया है।
“घोषणा पत्र में जो वादे किए गए हैं, वे बिहार को नई छलांग देंगे। बिहार अपने पुराने गौरव को दोबारा हासिल करेगा,” उन्होंने कहा।
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कांग्रेस की ओर से पलटवार की तैयारी
वहीं, कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी का यह कार्यक्रम स्थानीय मछुआरा समुदाय के साथ संवाद का हिस्सा था, न कि किसी ‘मनोरंजन गतिविधि’ का। पार्टी ने भाजपा के आरोपों को “जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाने की कोशिश” बताया है।
बिहार चुनावी समर में एक तालाब में मछली पकड़ने की घटना अब राजनीतिक प्रतीक बन गई है। जहां भाजपा और एनडीए नेता इसे “जनता से कटे रहने” का उदाहरण बता रहे हैं, वहीं कांग्रेस इसे “ग्रामीण जुड़ाव का प्रयास” कह रही है। मछली पर शुरू हुआ यह तंज अब पूरे चुनावी नैरेटिव का हिस्सा बन चुका है।
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