
राज्यसभा चुनाव में बदला बिहार का गणित… कांग्रेस ने बिगाड़ा तेजस्वी-ओवैसी का खेल
Bihar Politics: बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों के लिए सोमवार को मतदान के दौरान सियासी माहौल अचानक गरमा गया। मतदान के बीच महागठबंधन के कुछ विधायकों के गायब होने और कुछ के वोट न करने से राजनीतिक समीकरण बदलते नजर आए। इस घटनाक्रम ने महागठबंधन की रणनीति को झटका दिया और सत्तारूढ़ गठबंधन को बढ़त मिलने की चर्चा तेज हो गई।
मतदान के दौरान बदला सियासी गणित
राज्यसभा चुनाव के लिए विधानसभा में मतदान चल रहा था, लेकिन इसी दौरान महागठबंधन के चार विधायक वोट डालने के लिए विधानसभा परिसर नहीं पहुंचे। इससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई। जानकारी के मुताबिक तीन विधायकों ने मतदान ही नहीं किया, जबकि एक प्रमुख नेता अपनी विधायकी बचाने के लिए अचानक सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए।
तेजस्वी-ओवैसी की रणनीति पर असर
महागठबंधन की ओर से विपक्ष के नेता Tejashwi Yadav और Asaduddin Owaisi के समर्थन से चुनावी समीकरण बनाने की कोशिश की जा रही थी। लेकिन विधायकों की गैरमौजूदगी और वोट न डालने की वजह से यह रणनीति कमजोर पड़ती दिखाई दी।
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कांग्रेस की भूमिका पर चर्चा
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस पूरे घटनाक्रम में Indian National Congress की रणनीति ने भी अहम भूमिका निभाई। माना जा रहा है कि कांग्रेस की चालों ने महागठबंधन के अंदरूनी समीकरण को प्रभावित किया, जिससे विपक्ष की रणनीति में दरार पड़ गई।
NDA को मिल सकता है फायदा
इस स्थिति का फायदा सत्तारूढ़ National Democratic Alliance को मिलने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि यदि विपक्षी खेमे में इसी तरह मतभेद बने रहे तो राज्यसभा की सीटों के नतीजों में बड़ा उलटफेर हो सकता है।
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चर्चा में पाला बदलने वाले विधायक
इस बीच पाला बदलने वाले एक विधायक भी चर्चा में हैं, जिनके रुख ने पूरे चुनावी समीकरण को प्रभावित किया है। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि आने वाले दिनों में कुछ और विधायकों के रुख बदलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
नतीजों पर टिकी नजर
फिलहाल सभी दलों की नजर राज्यसभा चुनाव के अंतिम परिणामों पर टिकी हुई है। इन चुनावों के नतीजे न सिर्फ बिहार की राजनीति बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी गठबंधनों की मजबूती और कमजोरी का संकेत दे सकते हैं।
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