कानपुर के इंजीनियरिंग कॉलेज में बवाल; छात्रों को बेल्ट और डंडों से पीटा…

Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के बिठूर थाना क्षेत्र में स्थित महाराणा प्रताप इंजीनियरिंग कॉलेज बुधवार की सुबह युद्ध का मैदान बन गया. कॉलेज प्रशासन और छात्रों के बीच हिंसक झड़प हुई.

रिपोर्ट्स के अनुसार आरोप है देरी से आने पर शिक्षकों ने कई छात्रों को लाठी-डंडों से पीटा. इस मारपीट में कई छात्र घायल हो गए. सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों से बातचीत कर शांत कराया. वहीं, कॉलेज प्रशासन ने 2 प्रोफसर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है.

गाली-गलौज करते हुए पिटाईः छात्र कृष्णा ने बताया कि बुधवार सुबह शहर में छाया घना कोहरा था, जिसके कारण विजिबिलिटी बेहद कम थी, जिसससे कॉलेज पहुंचने में 10 मिनट देरी हो गई. कॉलेज पहुंचने का समय सुबह 9 बजे निर्धारित है. छात्रों का आरोप है कि शिक्षक अनिल पाठक समेत अन्य ने देरी से आने पर उनसे 300 रुपये ‘लेट चार्ज’ के रूप में अवैध वसूली की कोशिश की. जब छात्रों ने इसका विरोध किया और कोहरे का हवाला दिया तो शिक्षकों ने गाली-गलौज करते हुए डंडों और बेल्ट से उनकी बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी.

गेट बंद कर दौड़ाकर पीटाः छात्रों का आरोप है कि छात्रों के ने छात्राओं को भी नहीं बख्शा. इस हिंसक झड़प में अभिषेक, चित्रांश, कृष्णा, अग्रिम द्विवेदी, अक्षांश और अस्मित सोनकर, मुस्कान, अंजलि, अंशिका और अनन्या नाम की छात्राएं घायल हो गईं. डंडे के वार से छात्रा मुस्कान का हाथ फट गया, जिसके बाद उसे और अन्य घायल छात्राओं को तत्काल कॉलेज के ही अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. छात्रों का कहना है कि शिक्षकों का गुस्सा इतना ज्यादा था कि उन्होंने कॉलेज का गेट बंद कर दिया ताकि कोई बाहर न जा सके और अंदर छात्रों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया.

सड़कों पर उतरे छात्रः जैसे ही पिटाई की खबर कॉलेज के अंदर क्लास में मौजूद अन्य छात्रों तक पहुंची, उनका गुस्सा भड़क उठा और वे कक्षाओं से बाहर निकलकर नारेबाजी करने लगे. मौके पर अंशिका दीक्षित, अभिजीत राय, करन समेत सैकड़ों छात्रसंघ के नेता भी पहुंच गए. स्थिति बिगड़ते देख कॉलेज परिसर में भारी पुलिस बल और पीएसी बुला ली गई. मौके पर डीसीपी, एडीसीपी और एसीपी कल्याणपुर पहुंचे. छात्रों ने पुलिस को बताया कि जो छात्र बाद में आए उन्हें भी प्रवेश देने से मना कर दिया गया और विरोध करने पर शिक्षकों ने फिर से डंडे निकाल लिए. पुलिस और छात्रों के बीच काफी देर तक बातचीत चलती रही, जिसमें छात्रों ने एक दर्जन से अधिक लिखित शिकायतें सौंपीं.

दो प्रोफेसर सस्पेंड: बढ़ते दबाव और छात्रों के उग्र विरोध को देखते हुए कॉलेज प्रबंधन ने आनन-फानन में जांच कमेटी गठित की और दो मुख्य आरोपी शिक्षकों को सस्पेंड कर दिया. सस्पेंड होने वालों में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के असिस्टेंट प्रोफेसर सुभाष चंद्र मौर्य और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के असिस्टेंट प्रोफेसर अनिल कुमार पाठक शामिल हैं. इसके अलावा पुलिस ने प्रोफेसर प्रशांत मिश्रा, शुभम गोयनका, रोहित वर्मा और शिवानी कपूर को भी पूछताछ के लिए दायरे में लिया है. एहतियात के तौर पर बुधवार की सभी कक्षाएं निलंबित कर दी गईं और छात्रों को सुरक्षित घर जाने के लिए कहा गया.

टाइम को लेकर विवादः डीसीपी पश्चिम एस एम कासिम आबिदी ने बताया कि “बिठूर थाना क्षेत्र के मंधना में महाराणा प्रताप कॉलेज है. सूचना मिली थी कि यहां कुछ छात्र हंगामा कर रहे हैं. प्रारंभिक जाँच से पता चला है कि कॉलेज के एंट्री टाइम को लेकर कुछ बदलाव किए गए थे, जिसे लेकर छात्रों, फैकल्टी और गार्ड्स के बीच विवाद हुआ. इस विवाद में कुछ छात्रों को चोटें आई हैं, जिसके बाद अन्य छात्रों ने बाहर निकलकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी पक्षों से बात की है. छात्रों की समस्याओं को लिखित रूप में लिया गया है और कॉलेज प्रबंधन से उनकी जायज मांगों को पूरा करने के लिए चर्चा की जा रही है. मारपीट के मामले में मुख्य आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

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