
BJP की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक खत्म… आज जारी हो सकती है पहली लिस्ट
Bihar Chunav 2025: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अपनी रणनीति को लगभग अंतिम रूप दे दिया है। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की अहम बैठक संपन्न हो गई, जिसमें अधिकांश उम्मीदवारों के नाम तय कर लिए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक अब उम्मीदवारों को लेकर कोई और बैठक नहीं होगी और पहली सूची सोमवार को जारी कर दी जाएगी। इस बैठक में यह भी तय किया गया कि जिन मौजूदा विधायकों के खिलाफ जनता में असंतोष है, उन्हें इस बार टिकट नहीं दिया जाएगा। पार्टी कई नए और युवा चेहरों को मौका देने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
बैठक में शामिल शीर्ष नेतृत्व
केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, साथ ही समिति के अन्य सदस्य — सुधा यादव, विनोद तावड़े, बी. एस. येदियुरप्पा, दिनेश जायसवाल, लक्ष्मण, नित्यानंद राय, सी. आर. पाटिल, धर्मेंद्र प्रधान और इकबाल सिंह लालपुरा — मौजूद रहे।
बैठक में न केवल उम्मीदवारों पर चर्चा की गई, बल्कि बिहार में एनडीए गठबंधन की प्रचार रणनीति, प्रधानमंत्री की आगामी रैलियों और जनसंपर्क अभियान पर भी विस्तार से विचार हुआ। पार्टी का लक्ष्य है कि इस बार चुनावी लड़ाई को समय रहते संगठित तरीके से लड़ा जाए और विपक्ष को मजबूत चुनौती दी जाए।
सीट बंटवारे पर बनी सहमति
चुनाव से पहले एनडीए गठबंधन में सीट बंटवारे का फार्मूला भी लगभग तय कर लिया गया है। बिहार चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार को सोशल मीडिया के जरिए इसका औपचारिक ऐलान किया।
Bharatiya Janata Party (BJP): 101 सीटें
Janata Dal (United) (JDU): 101 सीटें
Lok Janshakti Party (Ram Vilas) (LJP): 29 सीटें
Hindustani Awam Morcha (HAM): 6 सीटें
Rashtriya Lok Morcha (RLM): 6 सीटें
गठबंधन के नेताओं के बीच बातचीत के बाद इस फॉर्मूले को अंतिम रूप दिया गया। सूत्रों का कहना है कि एनडीए के सभी सहयोगी दल सीट बंटवारे से पूरी तरह संतुष्ट हैं।
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सहयोगी दलों में सहमति, महागठबंधन में कलह
गठबंधन में जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा जैसे नेताओं को भी राजनीतिक रूप से प्रतिनिधित्व मिला है। मांझी के बेटे को बिहार सरकार में अहम विभाग सौंपा गया है, जबकि मांझी स्वयं केंद्र में मंत्री हैं। उपेंद्र कुशवाहा राज्यसभा सदस्य हैं और उन्हें गठबंधन का निरंतर समर्थन प्राप्त है।
दूसरी तरफ, महागठबंधन में आंतरिक कलह और गुटबाजी की स्थिति सामने आ रही है। सूत्रों के अनुसार, विपक्षी दलों में सीट बंटवारे को लेकर मतभेद गहराते जा रहे हैं, जिससे एनडीए को चुनाव में लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है।
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नए चेहरों पर दांव
BJP इस चुनाव में बड़े पैमाने पर नए और युवा उम्मीदवारों को टिकट देने की तैयारी में है। पार्टी मानती है कि जनता में असंतोष झेल रहे विधायकों को हटाकर नए उम्मीदवारों को मौका देने से वोटरों में एक पॉजिटिव मैसेज जाएगा और चुनावी प्रदर्शन बेहतर होगा।
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि संगठन ने हर सीट पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें जनता का फीडबैक और पिछले चुनावों का प्रदर्शन शामिल है। टिकट वितरण इसी फीडबैक के आधार पर किया जाएगा।
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