नगरोटा उपचुनाव में भाजपा की दमदार जीत, देवयानी राणा 24,647 वोटों के अंतर से विजयी

J&K ByPoll Result: जम्मू-कश्मीर की नगरोटा विधानसभा सीट पर हुए उप-चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पकड़ मजबूत रखते हुए एक बार फिर जीत दर्ज की है। भाजपा उम्मीदवार देवयानी राणा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी और पूर्व शिक्षा मंत्री हर्षदेव सिंह को 24,647 वोटों के बड़े अंतर से पराजित किया। भाजपा के लिए यह जीत विशेष महत्व रखती है, क्योंकि यह सीट दिवंगत भाजपा नेता देवेंद्र सिंह राणा के निधन के बाद रिक्त हुई थी।

भारी अंतर से जीत, पहले राउंड से मिली बढ़त
मतगणना शुक्रवार सुबह 8 बजे जम्मू के बिक्रम चौक स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई। पहले ही राउंड से देवयानी राणा ने मजबूत बढ़त बना ली, जो हर चरण में बढ़ती गई। मतगणना कुल 11 राउंड में पूरी हुई और किसी भी चरण में हर्षदेव सिंह उनकी बढ़त को चुनौती नहीं दे सके।

अंतिम परिणाम इस प्रकार रहे:-

भाजपा — देवयानी राणा: 42,350 वोट

जम्मू—पूर्व शिक्षा मंत्री हर्षदेव सिंह: 17,703 वोट

75% मतदान, शांतिपूर्ण प्रक्रिया
इस विधानसभा क्षेत्र में 97,980 पंजीकृत मतदाता थे, जिनमें से 75.08% मतदाताओं ने 11 नवंबर को मतदान में हिस्सा लिया। उच्च मतदान प्रतिशत से साफ संकेत मिल रहे थे कि चुनाव दिलचस्प होगा, लेकिन मतगणना शुरू होते ही भाजपा की ओर रुझान दिखने लगे।

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मतगणना केंद्र के बाहर जश्न का माहौल
रुझान आने के साथ ही भाजपा समर्थक पॉलिटेक्निक कॉलेज के बाहर जुटने लगे। नतीजे घोषित होने से पहले ही जश्न शुरू हो गया था। जैसे ही जीत पक्की हुई, समर्थकों ने देवयानी राणा को कंधों पर उठाकर खुशी का इजहार किया।

जीत की घोषणा के बाद देवयानी राणा त्रिकुटा नगर स्थित भाजपा कार्यालय पहुंचीं और शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की। दोपहर बाद वह विजय रैली के रूप में अपने विधानसभा क्षेत्र नगरोटा जाने वाली हैं।

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पिता की विरासत पर बेटी की जीत
यह सीट 2024 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के वरिष्ठ नेता देवेंद्र सिंह राणा ने जीती थी। उन्होंने उस चुनाव में करीब 34,000 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। चुनाव के कुछ दिनों बाद ही उनका निधन हो गया, जिसके चलते उप-चुनाव आवश्यक हो गया।

पार्टी ने उनकी बेटी देवयानी राणा को उम्मीदवार बनाया, और उन्होंने पिता की विरासत को आगे बढ़ाते हुए इस सीट को एक बार फिर भाजपा की झोली में डाल दिया। अपनी पहली ही चुनावी लड़ाई में इतनी बड़ी जीत हासिल कर देवयानी राणा ने राजनीतिक रूप से मजबूत शुरुआत की है।

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