
अब साल में दो बार CBSE Board की परीक्षाएं? बदल जायेंगे नियम…
CBSE Board Exam: नए शैक्षणिक सत्र से सीबीएसई बोर्ड 10वीं की परीक्षाएं साल में दो बार होगी. अब छात्रों के लिए एग्जाम में शामिल होने के विकल्प होगे. आइए जानते हैं क्या नया नियम होने की उम्मीद है…
CBSE Board 10वीं की परीक्षा अगले शैक्षणिक सेशन से साल में दो बार होंगी. इसके लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने ड्राफ्ट जारी कर दिया है. सीबीएसई की ओर से जारी ड्राफ्ट के अनुसार छात्र एक बार या दोनों बार परीक्षा देने का विकल्प चुन सकते हैं. 10वीं बोर्ड परीक्षा का पहला सेशन 17 फरवरी से 6 मार्च तक और दूसरा 5 मई से 20 मई तक आयोजित किया जाएगा.
CBSE Board Exam: साल में दो बार बोर्ड परीक्षा होने से स्टूडेंट्स को दो पेपरों के बीच केवल एक या दो दिन का समय मिलेगा, जो उनके विषय विकल्प पर निर्भर करेगा, जो वर्तमान अंतराल से काफी कम है, जो पांच या 10 दिनों तक भी बढ़ सकता है. पहली परीक्षा के नतीजे 20 अप्रैल और दूसरी के 30 जून तक घोषित होने की संभावना है. जो छात्र दोनों परीक्षाओं में शामिल होना चुनते हैं, उन्हें अंतिम मार्कशीट पर अपना सर्वश्रेष्ठ स्कोर मिलेगा.
स्टूडेंट्स को क्या फायदा?
सीबीएसई की ओर जारी मसौदा नियमों के अनुसार यदि छात्र दोबारा परीक्षा में शामिल होते हैं, तो उन विषयों/पेपरों से बाहर निकल सकते हैं जिन्हें वह फिर से नहीं देना चाहते हैं. पहली परीक्षा के नतीजे अप्रैल में घोषित होने के बाद केवल सितंबर में दूसरी बोर्ड परीक्षा के लिए पंजीकरण करने वाले छात्रों को ही इसे देने की अनुमति दी जाएगी, जिसमें उन विषयों या पेपरों को ऑप्ट आउट करने का विकल्प होगा, जिन्हें वे फिर से नहीं देना चाहते हैं. यदि कोई छात्र केवल दूसरी बोर्ड परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन करता है, तो वह पहली परीक्षा में नहीं शामिल हो सकता है.
छात्र बढ़ा सकते हैं अपना स्कोर…
पहली परीक्षा के नतीजे जारी होने के बाद अगर कोई छात्र अपने सामाजिक विज्ञान, अंग्रेजी और गणित में प्राप्त नंबरों से संतुष्ट हैं, तो वह दूसरी परीक्षा के लिए इन पेपरों को छोड़ सकते हैं और केवल शेष विषयों के लिए बैठ सकते हैं. अगर संतुष्ट नहीं है, तो वह दूसरी परीक्षा में इन पेपर को दे सकते हैं या सभी पेपर के एग्जाम में शामिल हो सकते हैं. अंतिम स्कोर कार्ड में सर्वश्रेष्ठ स्कोर बताए जाएंगे. दूसरी बार परीक्षा के लिए आवेदन करते समय छात्र को इन बातों का जिक्र करना होगा.
9 मार्च दें सकते हैं सुझाव…
सीबीएसई ने जारी ड्राफ्ट पर 9 मार्च तक लोगों से प्रतिक्रिया मांगी है. प्राप्त सुझावों के आधार पर इसकी समीक्षा की जाएगी और फिर इसे अंतिम रूप दिया जाएगा. सीबीएसई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हम अप्रैल में कक्षा 10 के छात्रों के लिए नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले योजना को अंतिम रूप देना चाहते हैं. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की सिफारिशों के अनुरूप इस बदलाव को लागू करेगा.
कब शुरू होगा रजिस्ट्रेशन?
सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया सितंबर तक पूरी हो जाएगी. छात्रों को यह बताना होगा कि वह पहली परीक्षा, दोनों या सिर्फ दूसरी परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं. मसौदे नियमों के अनुसार दोनों परीक्षाओं के लिए एक ही परीक्षा केंद्र तय किए जाएंगे. परीक्षा शुल्क बढ़ाया जाएगा और रजिस्ट्रेशन के समय दोनों परीक्षाओं के लिए शुल्क लिए जाएंगे.
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