
लोकसभा में ‘जी राम जी’ पर बवाल; प्रियंका ने कहा- नाम बदलने की सनक…
Parliament Winter Session: लोकसभा में मंगलवार को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन-ग्रामीण (VB-G RAM G) बिल पेश किया। यह बिल मनरेगा (MGNREGA) की जगह लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है। बिल पेश होते ही विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया और सरकार पर आरोप लगाए कि यह सिर्फ नाम बदलने की कोशिश है।
सरकार का तर्क
सरकार ने बताया कि यह बिल ‘विकसित भारत @2047’ के विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास के लिए नया और व्यापक ढांचा तैयार करने के उद्देश्य से लाया गया है।
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- बिल के अनुसार, हर वित्तीय वर्ष में प्रत्येक ग्रामीण परिवार, जिसके वयस्क सदस्य बिना किसी विशेष कौशल वाले शारीरिक कार्य के लिए तैयार हों, 125 दिन का रोजगार कानूनी तौर पर सुनिश्चित होगा।
- सरकार का दावा है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आय सुरक्षा बढ़ेगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
Rural Development Minister @ChouhanShivraj introduces The Viksit Bharat – Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin): VB – G RAM G ( विकवित भारत – जी राम जी ) Bill,2025 in Lok Sabha.
That The Bill to establish a rural development framework aligned with the national… pic.twitter.com/vKqHEPEX4y
— SansadTV (@sansad_tv) December 16, 2025
विपक्ष का विरोध
विपक्षी सदस्यों ने बिल का विरोध करते हुए कहा कि इसे संसदीय समिति के पास भेजा जाए या वापस लिया जाए।
- प्रियंका गांधी ने कहा कि उन्हें बिल का नाम बदलने की यह सनक समझ में नहीं आ रही और इस बिल के जरिए ग्राम पंचायतों का अधिकार छीना जा रहा है।
- कांग्रेस की रंजीता रंजन ने आरोप लगाया कि सरकार नाम बदलकर मुद्दों से ध्यान भटका रही है।
- अखिलेश यादव ने कहा कि सिर्फ नाम बदलने से कुछ नहीं होगा और बीजेपी मनरेगा जैसी योजनाओं को अपना नाम देकर पेश कर रही है।
संसद में प्रक्रिया
‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल 2025’ को अब संसद की संयुक्त समिति को भेजा गया है। समिति इस बिल के प्रावधानों, वित्तीय जिम्मेदारी और ग्राम पंचायतों के अधिकार जैसे मुद्दों की विस्तृत समीक्षा करेगी।
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कांग्रेस का मुख्य आरोप
कांग्रेस का कहना है कि इस बिल के माध्यम से महात्मा गांधी के नाम को मिटाने की कोशिश की जा रही है। विपक्ष का तर्क है कि यह सरकार की राजनीतिक चाल है, न कि ग्रामीण रोजगार सुधार का वास्तविक प्रयास।
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संभावित प्रभाव
- बिल ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गांरंटी 125 दिनों तक बढ़ाता है।
- सरकार का दावा है कि इससे ग्रामीण आजीविका और आय सुरक्षा मजबूत होगी।
- विपक्ष का आरोप है कि नाम बदलने और ग्राम पंचायतों के अधिकार कम करने से वास्तविक सुधार प्रभावित होगा।
VB-G RAM G बिल अब संसदीय समिति की समीक्षा के बाद फिर से लोकसभा और राज्यसभा में बहस के लिए आएगा। इस दौरान बिल में सुधार या संशोधन की संभावनाएं भी खुली रहेंगी।
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