
CM Yogi भावुक, बोले- कार्यकर्ताओं के त्याग से यहां तक पहुंची BJP; साथ में बड़ा ऐलान
Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कई अहम घोषणाएं कीं। इस दौरान उन्होंने प्रदेशभर में महापुरुषों के सम्मान को लेकर एक बड़ा फैसला सुनाया, जो आने वाले समय में व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा।
अंबेडकर की हर प्रतिमा पर लगेगा छत्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश में जहां-जहां B. R. Ambedkar की प्रतिमाएं स्थापित हैं, उन सभी के ऊपर छत्र लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने भारतीय समाज को नई दिशा दी और संविधान के माध्यम से देश को एक मजबूत आधार प्रदान किया।
सीएम योगी ने कहा कि उनका यह निर्णय महापुरुषों के प्रति सम्मान और समाज में समानता के संदेश को और मजबूत करेगा।
अन्य महापुरुषों की प्रतिमाओं का भी होगा सौंदर्यीकरण
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि Ravidas और Valmiki की प्रतिमाओं का भी व्यापक स्तर पर सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। इसके तहत इन स्थलों की साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और आसपास के क्षेत्र को बेहतर बनाया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं और आम लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
मंच पर भावुक हुए मुख्यमंत्री
कार्यक्रम के दौरान Yogi Adityanath कुछ क्षणों के लिए भावुक भी नजर आए। उन्होंने पार्टी के शुरुआती संघर्षों को याद करते हुए कहा कि आज जिस मुकाम पर बीजेपी पहुंची है, वह लाखों कार्यकर्ताओं के त्याग और समर्पण का परिणाम है।
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BJP स्थापना दिवस पर कार्यकर्ताओं को संदेश
सीएम योगी ने Bharatiya Janata Party के स्थापना दिवस पर सभी कार्यकर्ताओं को बधाई दी और उन्हें संगठन को और मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पार्टी “राष्ट्र प्रथम” के सिद्धांत पर काम करती है और समाज के हर वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
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सामाजिक समरसता पर जोर
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने सामाजिक समरसता और एकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि समाज में भेदभाव खत्म हो और सभी वर्गों को समान अवसर मिल सके।
गोरखपुर से किया गया यह ऐलान राज्य की राजनीति और सामाजिक संदेश दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Yogi Adityanath के इस फैसले से महापुरुषों के सम्मान को नया आयाम मिलने की उम्मीद है, साथ ही यह सामाजिक समरसता को भी मजबूती देगा।
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