सीएम योगी का ऐलान, माफियाओं की जब्त जमीन पर दलितों के लिए बनवाएंगे मकान

cm yogi in vidhansabha

लखनऊ। उप्र में माफियाओं से जब्‍त जमीन पर दलितों-गरीबों के लिए मकान बनवाएं जाएंगे। सीएम योगी ने गुरुवार को यह एलान विधानसभा में करते हुए कहा कि हम माफियाओं को सिर पर ढोते नहीं चलते। सरकार ने उनकी 1500 करोड़ रुपए की सम्‍पत्तियां जब्‍त कर ली हैं।

गरीबों को लूटकर सम्‍पत्ति बनाने वालों के यहां बुल्‍डोजर चल रहे हैं। सरकार माफियाओं से जब्‍त जमीन पर गरीबों और दलितों के लिए मकान बनवाएगी। अनुपूरक बजट पर बोलते हुए सीएम योगी ने विपक्ष पर तीखे वार किए।

सीएम ने कहा कि अवैध तरीके से जुटाई गई माफियाओं की हर संपत्ति सरकार जब्त करेगी। उन्‍होंने कहा कि गुंडों के कब्जे से मुक्त कराई जा रही जमीनों पर सरकार उन गरीबों-दलितों के लिए आवास बनाएगी, जिनके पास रहने के लिए घर नहीं हैं।

उन्‍होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्‍याय ने कहा था कि आर्थिक योजनाओं और आर्थिक प्रगति का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को भी मिलना चाहिए।

हमने बिना किसी भेदभाव के अपनी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने का काम किया। सीएम ने कहा कि यह पहली महामारी है जिसमें एक भी गरीब भूखा नहीं मरा।

हमें महामारी को तो स्वीकार करना होगा नहीं तो बीमारी के उपचार के लिए और बीमारी से बचाव के लिए कोई अभियान आगे नहीं बढ़ पाएगा।

उन्‍होंने कहा कि विपक्ष को तो गरीबों को अन्‍न दिया जाना भी बुरा लग रहा है। झोलों में अनाज वितरण को भी गरीबों का मजाक बता दिया। यह साफ दिख रहा है कि विपक्ष को जमीन पर चलने की आदत नहीं है।

सीएम ने कहा कि पिछले पांच वर्षों के दौरान प्रदेश के अंदर बजट का दायरा काफी बढ़ गया। वर्ष 2015-16 में ढाई लाख करोड़ रुपए का बजट आता था।

2016-17 में 2.40 लाख करोड़ का बजट आया। आज हम करीब छह लाख करोड़ रुपए तक बजट के दायरे को पहुंचाने में सफल रहे हैं। बड़ी सोच और बड़े कार्यों के साथ बजट का दायरा भी बढ़ा है।

24 करोड़ की आबादी वाले प्रदेश में दो-तीन लाख करोड़ रुपए का बजट ऊंट के मुंह में जीरे की तरह थी। वैसी संकीर्ण सोच से विराटता की कल्‍पना नहीं की जा सकती।

प्रदेश के अंदर बिना किसी भेदभाव के न जाति, न मत-मजहब, न क्षेत्र न भाषा, सबका साथ-सबका विश्‍वास के आधार पर जो कार्यक्रम किए उसका नतीजा ये रहा कि बजट का दायरा बढ़ गया। पिछले पांच वर्ष के दौरान प्रदेश के अंदर प्रति व्‍यक्ति आय भी बढ़ी है।

प्रदेश की जीएसटी भी पांच वर्ष पहले 10-11 लाख करोड़ के आसपास थी आज 20-21 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचाने में सफल रहे हैं। प्रदेश की अर्थव्‍यवस्‍था में हम कहां थे।

आबादी में नंबर एक होने के बावजूद जातीय-सांप्रदायिक दंगों, भ्रष्‍टाचार, विकास में पीछे रहने के कारण अर्थव्‍यवस्‍था में छह नंबर पर था। पिछले साढ़े चार वर्षों के परिश्रम के चलते उप्र आज देश में नंबर दो पर है।

ईज ऑफ डूईंग बिजनेस से सरकारी नौकरी के साथ-साथ निजी क्षेत्र में नौजवानों के अवसर बढ़े हैं। व्यवसाय की सुगमता क्या होनी चाहिए इस पर हमने व्यापक संशोधन किए, नीतियां बनाई जिसके परिणाम सामने हैं।

अगर दुनिया में भारत निवेश का सबसे अच्छा देश है, तो देश में उप्र सबसे अच्छा गंतव्य है। इज ऑफ डूइंग बिजनेस में उप्र 16वें स्थान से दूसरे स्थान पर आया है।

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान सरकार ने सबके लिए काम किया। अब तक यूपी में सात करोड़ लोगों के टेस्‍ट हुए।

छह करोड़ से अधिक लोगों को वैक्‍सीन लग चुकी है। रोज चार लाख टेस्‍ट किए जा रहे हैं। यूपी में रिकवरी रेट सबसे अच्‍छा है।

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