
शंकराचार्य के समर्थन में उतरे कांग्रेसी… लखनऊ कलेक्ट्रेट का घेराव कर जताया रोष
Congress Protest: ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के समर्थन में बुधवार को लखनऊ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में जुटे कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने “शंकराचार्य पर अत्याचार बंद करो”, “संतों का सम्मान करो” और “धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा करो” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर भारी भीड़ जुटी रही और कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।
शंकराचार्य के समर्थन में सड़कों पर उतरे कांग्रेसी
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि यह प्रदर्शन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के निर्देश पर आयोजित किया गया है। प्रदेश नेतृत्व ने सभी जिला और शहर इकाइयों को अपने-अपने क्षेत्रों में विरोध दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। पार्टी का कहना है कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं, बल्कि संतों के सम्मान और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए है।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार पर साधु-संतों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि शंकराचार्य और उनके शिष्यों के खिलाफ दर्ज एफआईआर और कथित दुर्व्यवहार की घटनाएं धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला हैं।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक कारणों से संत समाज को निशाना बना रही है और इससे हिंदू धर्म की छवि को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक गुरु या संत के सम्मान से समझौता नहीं किया जा सकता।
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प्रधानमंत्री को भेजा जाएगा ज्ञापन
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजने की घोषणा की। ज्ञापन में शंकराचार्य के खिलाफ की गई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने और संत समाज की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की जाएगी।
पार्टी नेताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
पुलिस की निगरानी में रहा प्रदर्शन
कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की तैनाती के बीच प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। प्रशासन की ओर से ज्ञापन स्वीकार कर उसे आगे प्रेषित करने का आश्वासन दिया गया है।
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राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल
इस प्रदर्शन के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संत समाज और धार्मिक मुद्दों को लेकर बढ़ती बयानबाजी आने वाले समय में राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बन सकती है।
कांग्रेस का कहना है कि यह संघर्ष संतों के सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए जारी रहेगा। वहीं, अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार इस मामले में क्या रुख अपनाती है।
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