तेजस्वी यादव के ‘हर घर सरकारी नौकरी’ वादे पर महागठबंधन में विवाद, कांग्रेस ने जताई असहमति

Bihar News: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजद नेता ने “हर घर सरकारी नौकरी” देने का बड़ा वादा किया है, लेकिन इस घोषणा के बाद में मतभेद उभरने लगे हैं। कांग्रेस नेता और पूर्णिया से सांसद ने मीडिया से कहा कि बिहार में सरकारी नौकरी कोई प्रमुख मुद्दा नहीं है और तेजस्वी यादव का रोजगार का वादा अधिक महत्व रखता है।

कांग्रेस नेताओं का रुख
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और बिहार चुनाव के लिए पार्टी पर्यवेक्षक ने भी इस वादे का समर्थन नहीं किया। उन्होंने कहा, “थोड़ा इंतजार करें, जब घोषणापत्र आएगा तब सारी चीजें स्पष्ट होंगी।” पत्रकारों के सवाल पर कि क्या तेजस्वी यादव की घोषणा महागठबंधन में मतभेद दिखाती है, गहलोत ने कहा कि कुछ चीजें हम सरकार बनने पर हासिल करना चाहते हैं, लेकिन अंतिम फैसला घोषणापत्र में होगा।

तेजस्वी यादव का घोषणा पत्र से पहले ऐलान
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में सरकार बनने के 20 दिनों के भीतर अधिनियम लाया जाएगा और अगले 20 महीनों में “हर घर सरकारी नौकरी” सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा, “यह योजना बिहार के हर परिवार को सरकारी नौकरी देने की दिशा में है, जिससे जनता खुद सरकार चलाने में भागीदार बनेगी।”

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महागठबंधन के भीतर असहमति
तेजस्वी यादव ने यह वादा बिना कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों के साथ संयुक्त घोषणापत्र जारी किए ही कर दिया। इससे महागठबंधन के अंदर रणनीति और नीति को लेकर मतभेद दिखाई देने लगे हैं। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इतनी बड़ी घोषणा को लागू करना प्रशासनिक और वित्तीय रूप से चुनौतीपूर्ण होगा, इसलिए सहयोगी दल फिलहाल सतर्क हैं।

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विशेषज्ञों की राय
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि वादा बड़ा होने के कारण मतदाता पर इसका असर अलग हो सकता है। साथ ही, महागठबंधन के अंदर यह मतभेद आगामी चुनाव में सहयोगियों के बीच तालमेल पर असर डाल सकता है।

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