MS Dhoni के रिटायरमेंट पर आकाश चोपड़ा और सुरेश रैना में भिड़ंत, ऑन-एयर हो गयी बहस?

MS Dhoni retirement: धोनी के आईपीएल भविष्य को लेकर प्री-मैच शो में ऑन-एयर बहस हुई। जिसमें पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना, आकाश चोपड़ा, आरपी सिंह और संजय बांगड़ शामिल हुए।

MS Dhoni retirement: आईपीएल 2025 में पांच बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स का सफर कुछ खास नहीं रहा। टीम 14 में से 10 मैच हारकर अंक तालिका में आखिरी स्थान पर रही। महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) अगले सीजन के लिए IPL में लौटेंगे या नहीं ये तय नहीं है. अगले IPL सीजन तक उन्होंने फैंस को सस्पेंस में ही छोड़ दिया है. लेकिन पूर्व क्रिकेटर और कॉमेंटेटर आकाश चोपड़ा (Akash Chopra) ने मौजूदा सीजन में धोनी के प्रदर्शन पर सवाल उठा दिए हैं. उनका कहना है कि जो फैंस धोनी की वापसी चाहते हैं, उन्हें इस क्रिकेटर के प्रदर्शन पर भी ध्यान देना चाहिए.

क्या है विवाद की असल वजह?

डिबेट का टॉपिक था कि क्या सीएसके के कप्तान एमएस धोनी को इंडियन प्रीमियर लीग से संन्यास ले लेना चाहिए. रैना, आरपी सिंह धोनी के पक्ष में खड़े थे तो आकाश चोपड़ा और संजय बांगड़ उनके विरोध में थे. सुरेश रैना ने तर्क दिया कि धोनी अभी भी टीम में सबसे ज्यादा छक्के लगाते हैं और उनके पास बेजोड़ अनुभव है. रैना ने कहा, ‘वह 18 साल से CSK के साथ हैं. वह आखिरी ओवर्स में आकर फिनिश करना जानते हैं. वह फिट हैं और 44 साल की उम्र में भी विकेटकीपिंग कर रहे हैं.’ आरपी सिंह ने कहा कि, ‘घुटने के ऑपरेशन के बाद किसी भी खिलाड़ी को पूरी ताकत हासिल करने में समय लगता है.

आकाश चोपड़ा ने बेबाकी से पूछा सवाल

पूरी बहस में आकाश चोपड़ा इतने बेबाक रहे कि उन्होंने साफ-साफ पूछ लिया कि अगर धोनी एक प्रतिष्ठित व्यक्ति नहीं होते तो क्या वे प्लेइंग इलेवन में जगह बनाते? चोपड़ा ने पूछा, ‘अगर एमएस धोनी एक अनकैप्ड भारतीय नहीं होते, तो क्या वे इस साल सीएसके का हिस्सा होते? वे नंबर 7 या नंबर 8 पर बल्लेबाजी करने क्यों आ रहे हैं? टीम टॉप ऑर्डर में जूझ रही है और धोनी के कद के खिलाड़ी को आदर्श रूप से अधिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए.’ संजय बांगड़ ने ये तक कह दिया कि धोनी की लंबे समय तक मौजूदगी रुतुराज गायकवाड़ और रवींद्र जडेजा जैसे खिलाड़ियों की लीडरशिप स्किल्स को बढ़ने से रोक सकती है.

धोनी के लिए निराशाजनक रहा सीजन

बताते चलें कि धोनी के लिए IPL 2025 खास नहीं रहा. उन्होंने 14 मैचों में 24.50 की औसत से 196 रन बनाए हैं. वहीं, चेन्नई सुपर किंग्स के लिए भी इस सीजन के निराशाजनक रहा. उन्होंने 14 मैच में से केवल चार ही मैच जीते. यह पहला मौका है जब चेन्नई सुपर किंग्स की टीम पॉइंट्स टेबल में आखिरी स्थान पर रही

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