
UP Board की नई नीति से प्रकाशन उद्योग में संकट… CM Yogi से समाधान की गुहार
UP Board Book Publishing Controversy: उत्तर प्रदेश बोर्ड द्वारा पुस्तकों के प्रकाशन में हालिया फैसले के खिलाफ राज्य के कई प्रकाशक नाराज हैं। प्रकाशकों का आरोप है कि बोर्ड ने केवल तीन कंपनियों को 36 विषयों की 70 पुस्तकें प्रकाशित करने का अधिकार दिया है। इस फैसले से दशकों से इस क्षेत्र में काम कर रहे अन्य प्रकाशक संकट में हैं और उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।
प्रकाशकों की आपत्ति
प्रकाशकों ने इस फैसले को ‘तुगलकी फरमान’ बताते हुए कहा कि उनके परिवार तीन-चार पीढ़ियों से यूपी बोर्ड की पुस्तकों का प्रकाशन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बोर्ड की नई नीति के तहत उनकी पुस्तकों को अब विद्यालयों में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जा रही है, जिससे उनकी आय और प्रतिष्ठा पर गंभीर असर पड़ा है।
सीएम से हस्तक्षेप की मांग
प्रकाशकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और पुराने प्रकाशकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करें। उनका कहना है कि यह निर्णय केवल कुछ कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए लिया गया है और इससे राज्य के प्रकाशन उद्योग को असमान प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा।
यह भी पढ़ें…
Holi पर नहीं चलेंगे बिना हेलमेट और सीटबेल्ट वाहन… CM योगी का सख्त निर्देश
बोर्ड का पक्ष
हालांकि यूपी बोर्ड का कहना है कि यह निर्णय गुणवत्ता और मानकीकरण को ध्यान में रखकर लिया गया है। बोर्ड का तर्क है कि इससे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण और मानकीकृत पाठ्यपुस्तकें मिलेंगी। लेकिन प्रकाशकों का कहना है कि लंबे समय से चल रहे व्यवसायों और उनकी पारिवारिक परंपराओं को इस फैसले से गंभीर नुकसान हुआ है।
यह भी पढ़ें…
UP News: फिरोजाबाद में पकड़ा गया सेक्स रैकेट, आपत्तिजनक हालत में भागे पुरुष…
प्रकाशन उद्योग पर असर
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के फैसले से राज्य में प्रकाशन उद्योग में असंतोष बढ़ सकता है। यदि पुराने प्रकाशकों को पूरी तरह से बाहर किया गया, तो प्रतियोगिता में कमी और पुस्तक मूल्य में वृद्धि की संभावना बढ़ सकती है।
यूपी बोर्ड के इस फैसले ने प्रकाशन उद्योग में हलचल पैदा कर दी है। अब सबकी निगाहें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर हैं कि वे इस विवाद में कैसे संतुलन बनाएंगे और दशकों से काम कर रहे प्रकाशकों के हितों की रक्षा करेंगे।
यह भी पढ़ें…





