लखनऊ में फर्जी FD घोटाला; 50 लोगों से ₹1.5 करोड़ की हैरान कर देने वाली ठगी…

UP News: लखनऊ के पारा स्थित शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय परिसर में मौजूद बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में यहाँ पिछले 10 वर्षों से बैंक मित्र के रूप में तैनात शिवा राव ने 50 से अधिक ग्राहकों को अधिक ब्याज का लालच देकर ठगी की है.

शातिर बैंक मित्र ग्राहकों से एफडी के नाम पर रकम लेता और उन्हें कंप्यूटर से तैयार की गई फर्जी रसीदें थमा देता था. इस महाठगी का खुलासा तब हुआ, जब ग्राहक अपनी मैच्योरिटी पूरी होने पर बैंक पहुँचे और उन्हें पता चला कि उनके पैसे सिस्टम में जमा ही नहीं हैं. अब तक 32 ग्राहकों से करीब 1.5 करोड़ रुपये की ठगी की पुष्टि हो चुकी है.

मामले की गंभीरता को देखते हुए पारा पुलिस ने मुख्य आरोपी शिवा राव और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं वर्ष 2020 से अब तक तैनात रहे बैंक मैनेजरों और कर्मचारियों की भूमिका की भी गहन जांच शुरू कर दी गई है.

फर्जी रसीदों का खेल:

​राजाजीपुरम निवासी शिवा राव बैंक में आने वाले ग्राहकों का विश्वास जीतकर उनके छोटे-बड़े काम कराता था. इसी का फायदा उठाकर उसने ग्राहकों को अधिक ब्याज दिलाने का झांसा देकर फिक्स्ड डिपॉजिट कराने के लिए प्रेरित किया.

ग्राहकों से पैसे लेकर बैंक के असली सिस्टम में जमा करने के बजाय, उसने कंप्यूटर से तैयार की गई कूटरचित एफडी रसीदें ग्राहकों को थमा दीं. बीते सोमवार को जब कुछ ग्राहक अपनी एफडी तुड़वाने बैंक पहुंचे, तब मैनेजर ने बताया कि उनकी रसीदें फर्जी हैं और बैंक में ऐसा कोई रिकॉर्ड ही नहीं है.

बैंककर्मियों पर गिरेगी गाज:

​इस घोटाले की गहराई को देखते हुए पुलिस अब अकेले शिवा राव पर नहीं रुकी है. इंस्पेक्टर सुरेश सिंह के अनुसार ​वर्ष 2020 से बैंक में तैनात रहे बैंककर्मियों और तत्कालीन मैनेजरों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है.

​पुलिस ने बैंक अधिकारियों से पत्राचार कर पिछले 6 वर्षों में तैनात रहे कर्मचारियों की सूची मांगी है. ​संदेह है कि बिना बैंक के अंदरूनी सहयोग के इतना बड़ा फर्जीवाड़ा इतने लंबे समय तक नहीं चल सकता था.

पीड़ितों ने दर्ज कराई FIR:

​शुरुआत में राम सिंह समेत 24 ग्राहकों ने शिकायत की थी, लेकिन जांच के दौरान 6 और पीड़ित सामने आए. अब तक 32 ग्राहकों से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी का मामला दर्ज हो चुका है. पुलिस ने शिवा राव और उसके सहयोगी दीपक निवासी बरावन कलां पर जालसाजी, धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने की 10 से ज्यादा धाराओं में केस दर्ज किया है.

शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय परिसर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में पिछले 10 वर्षों से तैनात बैंक मित्र शिवा राव ने धोखा देते हुए 50 से अधिक खाताधारकों को चूना लगाया है. पारा पुलिस ने रविवार को मुख्य आरोपी शिवा राव और उसके सहयोगी दीपक को गिरफ्तार कर लिया. मामले की जाँच की जा रही है.

 

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