SSKTK Movie Review: कॉमेडी के साथ प्यार का तड़का, वरुण-जाह्नवी ने जीता दिल

Sunny Sanskari ki Tulsi Kumari review: वरुण धवन और जान्हवी कपूर की रोमांटिक कॉमेडी ड्रामा ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ गुरुवार, 2 अक्‍टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। दशहरे के मौके पर इस फिल्‍म से बहुत सी उम्मीदें बंधी हैं।

Sunny Sanskari ki Tulsi Kumari review: डायरेक्टर शशांक खेतान और एक्टर वरुण धवन की जोड़ी जब भी साथ आती है तो दर्शकों को हल्की-फुल्की कॉमेडी, रोमांस और मसाला एंटरटेनमेंट की गारंटी मिलती है। फिल्म ‘हंप्टी शर्मा की दुल्हनिया’ और ‘बद्रीनाथ की दुल्हनिया’ के बाद अब यह जोड़ी लौटी ‘सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी’ के साथ लौटी है। कहानी में कई जगह लॉजिक की कमी है, और कुछ सीन्स में जबरदस्ती कोई संदेश डालने की कोशिश साफ नजर आती है।

क्या है कहानी

ये कहानी है सनी यानि वरुण धवन और तुलसी यानि जाह्नवी कपूर की. इन दोनों का ब्रेकअप हुआ है, ये दोनों अपने एक्स अनन्या और विक्रम यानि सान्या मल्होत्रा और रोहित सराफ की शादी पर चले जाते हैं. फिर कैसे इन सबका रिश्ता बदलता है, कैसे ये दोनों और ये फिल्म एक ऐसा मैसेज दे जाती है जो जरूरी है. इसके लिए आपको थिएटर जाकर ये फिल्म देखनी होगी.

कैसी है फिल्म की कहानी 

ये एक अच्छी फिल्म है, इस फिल्म में आपको कॉमेडी, रोमांस, बढ़िया गाने, फुल ऑन एंटरटेनमेंट और साथ ही जरूरी मैसेज भी मिलेगा. ये उस तरह की फिल्म है जिसे आप आराम से अपनी फैमिली के साथ जाकर देखिए. ये आपकी लाइफ चेंज करने वाली फिल्म नहीं है, आपका मूड चेंज करने वाली फिल्म है और फेस्टिवल सीजन के लिए परफेक्ट है.

जब हम एंटरटेन होने के लिए कुछ देखना चाहते हैं, स्क्रीन पर अच्छे चेहरे, अच्छे कपड़े, फ्रेशनेस नजर आती है. बीच बीच में बढ़िया गाने आते हैं जो सुनते हुए आप सीट पर ही थिरक सकते हैं. जो ट्रेलर से प्रोमिस किया गया था वो डिलीवर किया गया है, बल्कि उससे थोड़ा ज्यादा ही. कहानी का अंदाजा ट्रेलर से ही लग गया था लेकिन उससे आगे बढ़कर फिल्म बीच बीच में कुछ ऐसी बातें कह जाती है जो जरूरी हैं.

हर फिल्म में मैसेज हो ये जरूरी नहीं लेकिन ये फिल्म हल्के फुल्के अंदाज में बड़ी बातें बोल जाती हैं. ऐसी फिल्म अक्सर ट्रोल होती है वो भी बिना वजह है. कुल मिलाकर ये फिल्म अच्छी है और फैमिली के साथ देखी जा सकती है.

जाह्नवी और सान्या ग्लैमरस लुक में हैं और रोहित शराफ एक मैच्योर कैरेक्टर निभा रहे हैं। मनीष पॉल एक फ्रीकिंग रोल में हैं। स्क्रीन प्ले आपको बांधे रखता है। फिल्म जरा भी बोरिंग नहीं है। सनी संस्कारी दुल्हनिया फिल्म्स की याद दिलाती है।’

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