मरने के बाद भी दलित अफसर का हो रहा अपमान… राहुल गांधी ने परिवार से की मुलाकात

Rahul Gandhi: हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार के सुसाइड मामले को 7 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उनके शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया है। मंगलवार सुबह कांग्रेस नेता राहुल गांधी पीड़ित परिवार से मिलने हरियाणा पहुंचे और उन्होंने मामले में न्याय सुनिश्चित करने की मांग की।

राहुल गांधी ने परिवार से मुलाकात के बाद कहा कि हरियाणा सरकार इस मामले में तमाशा बंद करे। उन्होंने आरोप लगाया कि आईपीएस के परिवार पर दबाव डालने की कोशिश की जा रही है, जो बिल्कुल गलत है। उन्होंने सरकार से अपील की कि आरोपी अफसरों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और दिवंगत अधिकारी का अपमान न किया जाए।

पीएम और राज्य सरकार से अपील
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मामले में कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने परिवार से व्यक्तिगत रूप से वादा किया था कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने यह वादा तीन दिन पहले परिवार से किया था, लेकिन कार्रवाई में देरी हो रही है।

यह भी पढ़ें…

IPS पूरन कुमार सुसाइड केस: छुट्टी पर भेजे गए DGP शत्रुजीत कपूर, OP सिंह नए कार्यवाहक डीजीपी

अगर आप दलित हैं तो आपको दबाया और कुचला जा सकता है: राहुल गाँधी
राहुल गांधी ने कहा कि आईपीएस वाई पूरन कुमार की दो बेटियां हैं, जो पिता के निधन के बाद भारी मानसिक दबाव और तनाव में हैं। उन्होंने इस मामले को केवल व्यक्तिगत संघर्ष नहीं माना, बल्कि इसे सिस्टमैटिक भेदभाव और दलित उत्पीड़न के व्यापक संदर्भ में देखा।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि अन्य अधिकारी सिस्टमैटिक तरीके से आईपीएस को डिमोरलाइज करने, उनके करियर और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक परिवार का मामला नहीं है। देश में करोड़ों दलित भाई-बहन हैं। उन्हें गलत संदेश जा रहा है कि आप कितने भी सक्षम और इंटेलिजेंट क्यों न हों, अगर आप दलित हैं तो आपको दबाया और कुचला जा सकता है।”

यह भी पढ़ें…

Haryana: IPS अफसर Y पूरन कुमार ने खुद को मारी गोली, IAS पत्नी जापान दौरे पर

न्याय की मांग
राहुल गांधी ने परिवार की भावनाओं को साझा करते हुए कहा कि उनका संदेश साफ है हमें सम्मान दीजिए। शव का अपमान मत कीजिए। पहले उनका करियर खत्म किया गया और अब मरने के बाद भी अपमान किया जा रहा है। यह देश के हर दलित भाई-बहन का अपमान है।”

राहुल गांधी की यह पहल परिवार और समाज में मामले के प्रति सकारात्मक दबाव बनाने की दिशा में देखी जा रही है।

यह भी पढ़ें…

जापान दौरे पर CM सैनी, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का विदेश राज्य मंत्री को दिया आमंत्रण

Back to top button