‘विदाई वाला बजट’… UP Budget 2026 पर अखिलेश यादव का तीखा हमला

UP Budget 2026: उत्तर प्रदेश विधानसभा में पेश किए गए योगी सरकार के 10वें बजट को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “सरकार की विदाई वाला बजट” करार दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता बदलाव का मन बना चुकी है और यह बजट उसी की आहट है।

युवाओं और रोजगार को लेकर घेरा
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी एक बड़ी समस्या बनी हुई है, लेकिन बजट में युवाओं के लिए ठोस रोजगार सृजन योजना का अभाव है।
उन्होंने आरोप लगाया कि:

  • सरकारी विभागों में खाली पदों को भरने का स्पष्ट रोडमैप नहीं है
  • नई भर्तियों और रोजगार सृजन को लेकर ठोस समयसीमा नहीं दी गई
  • कौशल विकास और स्टार्टअप योजनाओं का जमीनी असर दिखाई नहीं देता

सपा प्रमुख ने कहा कि सरकार केवल निवेश और बड़े उद्योगों की बात करती है, जबकि छोटे उद्योग, स्थानीय रोजगार और शिक्षित युवाओं की समस्याएं अनदेखी की जा रही हैं।

किसानों के मुद्दे पर सरकार पर हमला
अखिलेश यादव ने बजट को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि:

  • किसानों की आय दोगुनी करने का वादा अब तक अधूरा है
  • न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और खरीद व्यवस्था को मजबूत करने पर स्पष्ट योजना नहीं है
  • सिंचाई, बिजली और खाद-बीज की लागत घटाने के लिए ठोस कदमों की कमी है

उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किए बिना प्रदेश का समग्र विकास संभव नहीं है, लेकिन बजट में ग्रामीण बुनियादी ढांचे और कृषि सुधार के लिए पर्याप्त प्राथमिकता नहीं दिखाई देती।

ग्रामीण विकास और सामाजिक योजनाओं पर सवाल
सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि गांवों में स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को लेकर बजट में स्पष्ट लक्ष्य नहीं दिखता।
उन्होंने आरोप लगाया कि:

  • मनरेगा और ग्रामीण रोजगार योजनाओं को लेकर राज्य स्तर पर समन्वय की कमी है
  • गरीबों और पिछड़े वर्गों के लिए नई कल्याणकारी योजनाओं का अभाव है
  • महंगाई से राहत देने के लिए ठोस उपाय नजर नहीं आते

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‘आंकड़ों का खेल, जमीनी सच्चाई अलग’
अखिलेश यादव ने कहा कि बजट में बड़े-बड़े आंकड़े पेश किए गए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका प्रभाव सीमित है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल निवेश और एक्सप्रेस-वे जैसी परियोजनाओं को विकास का पैमाना बताती है, जबकि आम जनता की रोजमर्रा की समस्याएं जस की तस हैं।

उन्होंने कहा, “यह सरकार का अंतिम पूर्ण बजट है। 2027 में जनता बदलाव करेगी, इसलिए यह बजट विदाई की तैयारी जैसा है।”

सरकार का पक्ष
हालांकि सरकार का दावा है कि बजट प्रदेश के बुनियादी ढांचे, निवेश, स्वास्थ्य, शिक्षा और औद्योगिक विकास को गति देने वाला है। सरकार इसे ‘विकास और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ की दिशा में बड़ा कदम बता रही है।

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सियासी माहौल गरम
बजट को लेकर विधानसभा के अंदर और बाहर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस जारी है। आगामी दिनों में इस पर विस्तृत चर्चा और कटौती प्रस्तावों के दौरान और अधिक राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है।

स्पष्ट है कि 2026 का यह बजट सिर्फ आर्थिक दस्तावेज नहीं, बल्कि 2027 के चुनावी रण की राजनीतिक जमीन भी तैयार कर रहा है।

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