Mumbai में कबूतरों को दाना डालना बना अपराध, चार लोगों पर केस दर्ज

Maharashtra News: मुंबई के बांद्रा इलाके में कबूतरों को खुले में दाना डालना अब सिर्फ आदत नहीं, बल्कि कानून तोड़ने वाला अपराध बन गया है। बांद्रा पुलिस ने शनिवार को चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया, जिनमें तीन पुरुष और एक महिला शामिल हैं। यह कार्रवाई बॉम्बे हाई कोर्ट के हालिया आदेश के बाद की गई है, जिसमें साफ निर्देश दिया गया था कि स्वास्थ्य और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक जगहों पर कबूतरों को दाना डालने पर रोक लगाई जाए।

क्या है पूरा मामला?
घटना बांद्रा तालाब के पास हुई, जहां बीएमसी अधिकारी गश्त पर थे। उन्होंने देखा कि कुछ लोग वहां कबूतरों को दाना डाल रहे हैं। अधिकारियों ने तुरंत उन्हें रोका और कोर्ट आदेश की जानकारी दी। लेकिन आरोपियों ने सुनने से इंकार कर दिया और दाना डालना जारी रखा।

महिला का विरोध
इसी बीच एक महिला भी वहां पहुंची और उसने भी दाना डालना शुरू कर दिया। बीएमसी अधिकारियों ने उसे समझाने की कोशिश की, मगर उसने बहस छेड़ दी और फिर अपनी स्कूटी पर वहां से चली गई।

पुलिस ने दर्ज किया केस
बांद्रा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 270 (खतरनाक रोग फैलाने की संभावना), 271, 223 और 221 के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और फरार महिला की पहचान भी जल्द सामने लाई जाएगी।

बीएमसी का पक्ष
बीएमसी अधिकारियों ने कहा कि खुले में कबूतरों को दाना डालना बीमारियों के प्रसार का कारण बनता है। कबूतरों की बीट से श्वसन रोग और अन्य संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ता है। अधिकारी मानते हैं कि इस तरह की कार्रवाई जनता के लिए एक कड़ा संदेश है कि कोर्ट और प्रशासनिक नियमों को हल्के में नहीं लिया जा सकता।

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अदालत का निर्देश
बॉम्बे हाई कोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि यदि कोई नागरिक नियमों का उल्लंघन करते हुए कबूतरों को खुले में दाना डालता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अनिवार्य होगी। अदालत का तर्क है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता किसी व्यक्तिगत आदत से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।

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नागरिकों के लिए सबक
यह घटना दर्शाती है कि शहर में साफ-सफाई बनाए रखने के लिए केवल बीएमसी और पुलिस ही नहीं, बल्कि आम लोगों की जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी है। नियमों का पालन न करने पर अब सीधे कानूनी सजा भुगतनी पड़ सकती है।

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