
माघ मेला में सुरक्षा को लेकर खास तैयारी; 20 वॉच टॉवर से होगी निगरानी
Prayagraj Magh Mela: प्रयागराज में संगम की रेती पर तंबुओं की नगरी लगभग बसने को है. आगामी 3 जनवरी से शुरू हो रहे माघ मेला 2026 को लेकर संगम की रेती पर सुरक्षा–व्यवस्था को मजबूत किया गया है.
बता दें कि सुरक्षा अलर्ट को देखते हुए अग्निशमन विभाग ने सभी सात सेक्टरों में व्यापक तैयारियां की हैं. विभाग का दावा है कि आग लगने की किसी भी घटना की सूचना मिलते ही महज तीन मिनट के भीतर दमकलकर्मी मौके पर पहुंचकर हालात पर काबू पा लेंगे.
20 वॉच टॉवर से निगरानी: माघ मेले में अग्निशमन विभाग का मुख्यालय परेड मैदान में बनाया गया है. आग की घटनाओं की रोकथाम और त्वरित रिस्पांस के लिए मेला क्षेत्र में 20 फायर स्टेशन, सात फायर चौकियां और 20 वॉच टावर स्थापित किए जा रहे हैं. इसके संचालन के लिए एक नोडल अधिकारी समेत नौ मुख्य अग्निशमन अधिकारियों की तैनाती की गई है.
मेला क्षेत्र में 625 दमकल कर्मी तैनात रहेंगे, जबकि रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर 150 कर्मी अलग से मौजूद रहेंगे. इस तरह कुल 775 फायर कर्मी ड्यूटी पर रहेंगे.
अग्निशमन विभाग के नोडल अधिकारी सीएफओ अनिमेष सिंह ने बताया कि माघ मेले में त्रिस्तरीय फायर सेफ्टी प्लान लागू किया गया है. इसमें आग से बचाव, पूर्व तैयारी और किसी भी घटना पर त्वरित कार्रवाई शामिल है. फायर स्टेशन, चौकियां और वॉच टावर ऐसे स्थानों पर बनाए जा रहे हैं, जहां से तीन मिनट के भीतर राहत दल पहुंच सके.
प्रदेश भर से मंगाए गए 117 फायर टेंडर: माघ मेले में आग की घटनाओं से निपटने के लिए पूरे प्रदेश से 117 फायर टेंडर मंगाए गए हैं. इनमें 45 हजार लीटर क्षमता वाले बड़े और 25 हजार लीटर क्षमता वाले छोटे फायर टेंडर शामिल हैं. हर फायर स्टेशन पर एक बिग फायर टेंडर तैनात रहेगा. इसके साथ ही इमरजेंसी फायर फाइटिंग बाइक और बैटरी चालित ग्रीन एनर्जी वाहन भी लगाए गए हैं, जो रेत में तेजी से मूव कर सकते हैं. परेड और झूंसी क्षेत्र में एडवांस रेस्क्यू टावर बनाए गए हैं, जबकि फायर ब्रिगेड मुख्यालय में मल्टी डिजास्टर रिस्पांस व्हीकल की तैनाती की गई है.
शॉर्ट सर्किट और गैस सिलिंडर पर रहेगा विशेष ध्यान: पुलिस अधीक्षक, माघ मेला नीरज पांडेय के मुताबिक, माघ मेले में आग की घटनाएं अक्सर बिजली के शॉर्ट सर्किट या छोटे गैस सिलेंडरों से होती हैं. इसे रोकने के लिए मेला क्षेत्र में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे.
वृद्ध श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधा: कुंभ की तर्ज पर माघ मेले में वृद्ध श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 100 गोल्फ कार्ट को मंजूरी दी गई है. मेलाधिकारी ऋषिराज ने बताया कि पहली खेप में 10 गोल्फ कार्ट मेला क्षेत्र में पहुंच चुकी हैं, जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में सहूलियत मिलेगी. इससे बुजुर्ग और चलने में आसक्त श्रद्धालुओं को परेड मैदान से मेला क्षेत्र में आने–जाने में सुविधा मिलेगी.
मेला में आवंटन को लेकर धरना : माघ मेले में भूमि और सुविधाओं के आवंटन को लेकर विवाद भी सामने आया है. गुरुवार को बड़ी संख्या में साधु-संत और संस्थाओं के पदाधिकारी मेला प्राधिकरण कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि तय तिथि से पहले प्रभावशाली लोगों को चोरी-छिपे भूमि और सुविधाएं दी जा रही हैं, जबकि नई संस्थाओं के आवेदनों पर सुनवाई नहीं हो रही. देर रात तक चले धरने के बाद मेला प्रशासन ने बातचीत का प्रयास शुरू किया और ऐसी संस्थाओं के लिए 26 दिसंबर की डेट दी गई है.
आज इन संस्थाओं के बायोडाटा का परीक्षण करने के बाद भूमि आवंटन होगा. भूमि आवंटन पात्र संस्थाओं को ही किया जाएगा. मेला विकास प्राधिकरण के उप मेलाधिकारी दयानंद प्रसाद ने बताया कि मेला प्राधिकरण कार्यालय में भूमि और सुविधा आवंटन से जुड़े 350 प्रकरणों का निस्तारण किया गया.





