
जटायु संरक्षण से लेकर फॉरेस्ट्री यूनिवर्सिटी तक, गोरखपुर में विकास की नई रफ्तार…
CM Yogi Gorakhpur Visit: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर जनपद के कैम्पियरगंज में प्रदेश के पहले वानिकी एवं उद्यान विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय न केवल युवाओं को आधुनिक शिक्षा देगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।
डिग्री बनेगी रोजगार की गारंटी
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विश्वविद्यालय से मिलने वाली डिग्री युवाओं के लिए “नौकरी की गारंटी” साबित होगी। उनका मानना है कि वानिकी, उद्यान, जैव विविधता और पर्यावरण से जुड़े क्षेत्र आने वाले समय में रोजगार के बड़े स्रोत बनेंगे। इससे प्रदेश के युवाओं को नए सेक्टर में करियर बनाने का मौका मिलेगा।
किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
सीएम ने कहा कि यह संस्थान किसानों को आधुनिक खेती, बागवानी और पौधरोपण से जोड़ने में मदद करेगा। इससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा। उन्होंने कहा कि फल, फूल, औषधीय पौधों और नर्सरी आधारित खेती से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
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पर्यावरण संरक्षण पर फोकस
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संकट के दौर में वानिकी और हरित विकास बेहद जरूरी है। इसी दिशा में सरकार काम कर रही है।
जटायु संरक्षण केंद्र का उल्लेख
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने गिद्धों के संरक्षण के लिए प्रदेश में बनाए जा रहे विशेष केंद्र का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गिद्ध पर्यावरण संतुलन के लिए महत्वपूर्ण हैं और उनके संरक्षण के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है।
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गोरखपुर में विकास की रफ्तार
सीएम ने गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़े विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य पूर्वांचल को विकास के नए मॉडल के रूप में स्थापित करना है।
इस घोषणा को क्षेत्र के युवाओं, किसानों और पर्यावरण विशेषज्ञों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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