AI Impact Summit 2026 में रोबोटिक डॉग पर बवाल; गलगोटिया यूनिवर्सिटी…चूक हुई लेकिन…

Galgotias University Robodog Row: दिल्ली में चल रहे AI इम्पैक्ट समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी की ओर से चीन में बने रोबोटिक डॉग को लेकर मचे हंगामा के बीच यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा ने अपनी चूक स्वीकार करते हुए कहा कि मैं जो कहना चाहती थी शायद वो ठीक से कह नहीं पाई. लेकिन हमने कभी यह दावा नहीं किया कि इसे हमने बनाया है.

चीनी रोबोटिक डॉग को लेकर उठे विवाद पर अपनी सफाई देते हुए गलगोटिया यूनिवर्सिटी की कम्युनिकेशन्स प्रोफेसर, नेहा सिंह ने कहा, “एक गलत मतलब की वजह से इंटरनेट पर तूफान आ गया है. हो सकता है कि मैं जो कहना चाहती थी, वह ठीक से बता नहीं सकी, या आप ठीक से समझ नहीं पाए कि मैं क्या कहना चाहती थी.” उन्होंने आगे कहा, “गलगोटिया यूनिवर्सिटी एक बहुत ही जिम्मेदार शिक्षण संस्थान है. हमने कभी भी दावा नहीं किया है कि हमने यह सब कुछ डेवलप किया है. डेवलपमेंट का मतलब किसी चीज को डिजाइन और मैन्युफैक्चर करना नहीं होता है.”

बनाने का दावा नहीं कियाः प्रोफेसर नेहा

यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह ने कहा, “रोबोट डॉग के बारे में हम यह दावा नहीं कर सकते कि हमने इसे बनाया है. मैंने हर किसी को बताया कि हमने इसे अपने छात्रों के समक्ष इसलिए पेश किया ताकि वे खुद कुछ बेहतर बनाने के लिए प्रेरित हों. हमारी यूनिवर्सिटी AI के क्षेत्र में अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी प्रदान करके भविष्य के दिग्गज बनाने में योगदान देता है और आगे भी ऐसा करना जारी रखेगा.”

courtesy@ANI

गलगोटिया यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह को कल एक वायरल वीडियो में रोबोडॉग को ‘ओरियन’ के रूप में पेश करते हुए और AI एक्सपो समिट में इसके बारे में समझाते हुए देखा गया. पूरे विवाद के बाद जब उनसे यह पूछा गया कि क्या गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने देश की छवि खराब की है, प्रोफेसर नेहा ने कहा, “गलगोटिया यूनिवर्सिटी की वजह से देश का नाम बहुत रोशन हुआ है. हमने देश को पैरालंपियंस दिए हैं. देश को कई बड़े नाम दिए हैं और देश में अपना योगदान दे रहे हैं. गलगोटिया यूनिवर्सिटी बहुत ही जिम्मेदार यूनिवर्सिटी है.”

गलत तरीके से समझा गया

इस बीच सरकारी सूत्रों की ओर से जानकारी आई कि AI इम्पैक्ट समिट में चीन में बने रोबोडॉग के डिस्प्ले पर हुए विवाद के बाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी को समिट में एक्सपो एरिया खाली करने के लिए कहा गया है. हालांकि यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर डॉक्टर ऐश्वर्या श्रीवास्तव ने कहा, “अभी तक, हमारे पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है.”

स्टॉल हटाए जाने के सवाल पर नेहा सिंह ने आगे कहा, “मैं स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में कम्युनिकेशंस का फैकल्टी मेंबर हूं, AI का नहीं. जहां तक मुझे पता है, हम यहां एक्सपो में हैं, सिर्फ आप (मीडिया) ने सुना है कि सरकार ने क्या कहा है. एक यूनिवर्सिटी के तौर पर, हम मजबूती से खड़े हैं. रोबोट को यहां सिर्फ प्रोजेक्शन के लिए लाया गया था.”

रोबोडॉग के डिस्प्ले को लेकर मचे हंगामे पर गलगोटिया यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर डॉ. ऐश्वर्या ने कहा, “यह चीन का ही प्रोडक्ट है. हमने यह कभी दावा नहीं किया कि हमने इसे (रोबोडॉग) बनाया है, यहां तक कि हमने उसका लोगो तक नहीं छिपाया. हमने बस यही कहा कि यह सिर्फ हमारे AI इन्वेस्टमेंट का एक हिस्सा है ताकि बच्चे उससे कुछ सीख सकें और अपनी समझ को एक्सप्लोर करें. लेकिन इसे बहुत ही गलत तरीके से समझा गया.”

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सोशल मीडिया पर बवाल

पूरा मामला तब शुरू हुआ गालगोटिया यूनिवर्सिटी ने एक्सपो में ओरियन नाम का रोबोट डॉग दिखाया. आलोचकों का कहना था कि यह यूनिवर्सिटी का स्वदेशी इनोवेशन नहीं है बल्कि चीन में तैयार किया गया एक रोबोट है. सोशल मीडिया पर इस जुड़ा वीडियो वायरल होने के बाद यूनिवर्सिटी को तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा.

 

 

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