उप्र: सार्वजनिक स्थानों पर नहीं स्थापित होंगी गणेश प्रतिमाएं, जानिए अन्य प्रोटोकॉल

ganesh chaturthi pandal (file photo)

लखनऊ। उप्र में गणेश चतुर्थी के अवसर पर सार्वजनिक स्थानों पर गणेश प्रतिमाएं नहीं स्थापित की जा सकेंगी। लोग घरों व मंदिरों में प्रतिमा स्थापित कर पूजन कर सकेंगे। वहीं, अनावश्यक भीड़ एकत्र करने पर भी रोक रहेगी।

यह आदेश प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अफसरों संग बैठक में दिए। उन्होंने कहा कि कोरोना प्रोटोकॉल का पूरी सख्ती से पालन करवाया जाए पर लोगों की आस्था को भी यथोचित सम्मान दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सतत समन्वित, नियोजित प्रयासों से कोरोना की दूसरी लहर पर बने प्रभावी नियंत्रण के बीच जनजीवन तेजी से सामान्य हो रहा है। देश के अन्य राज्यों के सापेक्ष उप्र में स्थिति बहुत बेहतर है।

आज प्रदेश के 33 जिलों में कोविड का एक भी एक्टिव केस नहीं है। विगत दिवस हुई कोविड टेस्टिंग में 66 ज़िलों में संक्रमण का एक भी नया केस नहीं मिला। वर्तमान में 199 संक्रमितों का उपचार हो रहा है।

उन्होंने निर्देश दिया कि डेंगू व अन्य वायरल बीमारियों के संबंध में जारी प्रदेशव्यापी सर्विलांस कार्यक्रम को प्रभावी बनाया जाए।

बुखार व संक्रमण के अन्य लक्षणों के संदिग्ध मरीजों की पहचान की जाए। बुखार, दस्त और डायरिया की दवाइयां वितरित की जाएं।

विशेषज्ञ टीम के दिशा-निर्देशों के अनुरूप उपचार की समस्त व्यवस्था की जाए। बेड, दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखी जाए।

सरकारी अस्पतालों में सभी मरीजों के निःशुल्क उपचार की व्यवस्था है। फिरोजाबाद, आगरा, कानपुर, मथुरा आदि प्रभावित जनपदों की स्थिति पर सतत नजर रखी जाए।

अब तक 7 करोड़ 42 लाख से ज्यादा कोविड सैम्पल की जांच

एग्रेसिव ट्रेसिंग, टेस्टिंग और त्वरित ट्रीटमेंट के मंत्र से अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। अब तक 07 करोड़ 42 लाख 65 हजार 99 कोविड सैम्पल की जांच की जा चुकी है।

विगत 24 घंटे में हुई 02 लाख 26 हजार 111 सैम्पल टेस्टिंग में 11 नए मरीजों की पुष्टि हुई। मात्र 09 जनपदों में ही नए मरीज मिले।

इसी अवधि में 24 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए। प्रदेश में अब तक 16 लाख 86 हजार 441 प्रदेशवासी कोरोना संक्रमण से मुक्त होकर स्वस्थ हो चुके हैं। यह सतर्कता और सावधानी बरतने का समय है। थोड़ी सी लापरवाही संक्रमण को बढ़ाने का कारक बन सकती है।

कोविड की अद्यतन स्थिति के अनुसार प्रदेश के 33 जनपदों (अलीगढ़, अमरोहा, अयोध्या, बागपत, बलिया, बलरामपुर, बांदा, बस्ती, बहराइच, भदोही, बिजनौर, चंदौली, चित्रकूट, देवरिया, एटा, फतेहपुर, गाजीपुर, गोंडा, हमीरपुर, हापुड़, हरदोई, हाथरस,

कासगंज, कौशाम्बी, ललितपुर, महोबा, मुरादाबाद,  मुजफ्फरनगर, पीलीभीत, रामपुर, शामली, सिद्धार्थ नगर और सोनभद्र) में कोविड का एक भी मरीज शेष नहीं है।

यह जनपद आज कोविड संक्रमण से मुक्त हैं। औसतन हर दिन ढाई लाख से अधिक टेस्ट हो रहे हैं, जबकि पॉजिटिविटी दर 0.01 से भी कम हो गया है और रिकवरी दर 98.7 फीसदी है।

अब तक 7 करोड़ लोगों को मिली टीकाकरण की पहली डोज

कोविड से बचाव के लिए प्रदेश में टीकाकरण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। विगत दिवस 9 लाख 68 हजार से अधिक लोगों ने टीका कवर प्राप्त किया।

भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप टीकाकरण के लिए अर्ह लोगों में से 45 फीसदी से अधिक प्रदेशवासियों ने टीके की पहली खुराक प्राप्त कर ली है।

पहला डोज लेने वालों की संख्या 07 करोड़ के पार होने जा रही है। प्रदेश में कुल कोविड वैक्सीनेशन 08 करोड़ 34 लाख 92 हजार से अधिक हो गया है।

यह किसी एक राज्य में हुआ सर्वाधिक टीकाकरण है। इस प्रक्रिया को और तेज किए जाने की आवश्यकता है। टीके की उपलब्धता के लिए भारत सरकार से सतत संपर्क बनाए रखा जाए।

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