
महाकुंभ 2031 से पहले निर्मल होगी गंगा… ‘नमामि गंगे’ के लिए 22,676 करोड़ का बजटीय प्रावधान
UP Budget on Namami Gange: उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में गंगा की स्वच्छता और जल शक्ति विभाग को प्रमुख प्राथमिकता दी है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में बजट पेश करते हुए ‘नमामि गंगे’ योजना और ग्रामीण जलापूर्ति परियोजनाओं के लिए कुल 22,676 करोड़ रुपये के प्रावधान की घोषणा की। सरकार का लक्ष्य है कि महाकुंभ 2031 से पहले गंगा को पूर्ण रूप से स्वच्छ और अविरल बनाया जाए।
प्रयागराज को विशेष लाभ
सरकार का मानना है कि इस बजट आवंटन का सीधा लाभ प्रयागराज को मिलेगा, जहां 2025 के महाकुंभ के बाद भी गंगा की स्वच्छता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए नदी की गुणवत्ता और प्रवाह को बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि 2031 के महाकुंभ तक गंगा में गिरने वाले नालों को पूरी तरह रोकने और सीवेज ट्रीटमेंट की व्यवस्था मजबूत करने का लक्ष्य तय किया गया है।
74 परियोजनाओं से रुकेगा नालों का गिरना
बजट में गंगा और उसकी सहायक नदियों में गिरने वाले नालों को रोकने के लिए 74 नई परियोजनाओं को स्वीकृति देने की बात कही गई है। इन परियोजनाओं के तहत:
- नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) स्थापित किए जाएंग
- पुराने और अक्षम STP का आधुनिकीकरण होगा
- सीवर नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा
- औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले अपशिष्ट जल की निगरानी कड़ी की जाएगी
सरकार का दावा है कि इन उपायों से गंगा में प्रदूषण का स्तर कम होगा और नदी की जल गुणवत्ता में सुधार आएगा।
ग्रामीण जलापूर्ति पर भी जोर
बजट में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए भी बड़े पैमाने पर निवेश की घोषणा की गई है। जल जीवन मिशन के तहत गांव-गांव नल से जल पहुंचाने और जल स्रोतों के संरक्षण की दिशा में काम तेज किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि स्वच्छ पेयजल और गंगा संरक्षण एक-दूसरे से जुड़े हुए मुद्दे हैं, इसलिए दोनों पर समान रूप से ध्यान दिया जा रहा है।
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सरकार का लक्ष्य: अविरल और निर्मल गंगा
वित्त मंत्री ने कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और जीवनरेखा है। इसलिए सरकार इसे प्रदूषण मुक्त और निरंतर प्रवाहमान बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
महाकुंभ 2031 को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचे, घाटों के विकास, सीवेज प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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विपक्ष की प्रतिक्रिया
हालांकि विपक्ष ने बजट प्रावधानों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूर्व में भी गंगा सफाई के लिए बड़े आवंटन किए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर अपेक्षित परिणाम पूरी तरह नहीं दिखे। विपक्ष ने पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया है।
सरकार का दावा है कि 2026-27 का यह बजट गंगा स्वच्छता अभियान को नई गति देगा और महाकुंभ 2031 तक प्रदेश एक स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल आयोजन की दिशा में तैयार होगा।
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