गोवा अग्निकांड ने उजाड़ा दिल्ली का परिवार—चार की मौत, दो शव पहचान से परे

Goa Nightclub Fire: गोवा के एक नाइटक्लब में शनिवार रात लगी भीषण आग कई परिवारों पर कहर बनकर टूटी। इस हादसे में अब तक 25 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मरने वालों में दिल्ली के करावल नगर निवासी एक ही परिवार के चार सदस्य शामिल हैं—तीन बहनें अनीता, कमला और सरोज जोशी, और उनकी चौथी बहन भावना के पति विनोद कुमार। इस भयावह रात में भावना जोशी अकेली जीवित बचीं, जबकि बाकी सभी परिवारजन आग की लपटों में समा गए।

बहन को बचाने दौड़ीं और खुद फंस गईं
परिवार के पड़ोसियों के अनुसार, हादसे वाली रात सभी लोग डिनर के लिए नाइटक्लब पहुंचे थे। खाना खत्म कर वे बाहर निकलने ही वाले थे कि तभी एक बहन क्लब के अंदर फंस गई। जैसे ही आग भड़की, बाकी तीनों बहनों ने उसे बचाने के लिए चीखते हुए अंदर दौड़ लगा दी। उनके पीछे-पीछे विनोद भी गए। लेकिन चारों अंदर फंस गए और जीवित बाहर नहीं लौट पाए।

भावना किसी तरह बाहर आने में सफल हुईं, लेकिन खुद उसकी आंखों के सामने पूरा परिवार आग में खो गया।

दो शवों की पहचान मुश्किल
अनीता और कमला के शवों की पहचान हो चुकी है। लेकिन बाकी दो शव इतने बुरी तरह झुलसे हुए हैं कि उनकी पहचान करना भी मुश्किल हो गया है। प्रशासन ने इन्हें पोस्टमॉर्टम और इनक्वेस्ट पूरा होने तक सुरक्षित रखा है। संभावना है कि डीएनए टेस्ट की मदद से पहचान की जाएगी।

एक ही परिवार में चार बेटियों की शादी
कमला बहनों में सबसे बड़ी थीं। परिवार के रिश्तों का बंधन भी अनोखा था—

कमला के पति नवीन,

और भावना के पति विनोद,
दोनों सगे भाई हैं।
दोनों बहनों के दो-दो बच्चे भी हैं।

विनोद और नवीन बिजनेसमैन हैं। यह गोवा यात्रा परिवार की पहली ट्रिप थी, जिसे लेकर सभी बेहद उत्साहित थे।

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घर पर अकेली हैं बूढ़ी मां, सच बताने की हिम्मत नहीं
परिवार के पड़ोसी हरीश सिंह बताते हैं कि चारों बहनों की मां घर में अकेली हैं और उनकी तबीयत पहले से ही ठीक नहीं रहती। इसीलिए किसी ने उन्हें हादसे के बारे में नहीं बताया है।

“हम सब जानते हैं कि वह यह सदमा सह नहीं पाएंगी। फिलहाल केवल नवीन को पूरी जानकारी है। घर में किसी को भी चाची (मां) से मिलने की अनुमति नहीं है,” पड़ोसी ने बताया।

फोन बजते रहे, पर जवाब पुलिस ने दिया
हादसे के बाद जब मौत की खबर सोशल मीडिया और टीवी पर फैली तो पड़ोसी लगातार बहनों और विनोद को फोन करते रहे। लेकिन कॉल का जवाब किसी ने नहीं दिया। कुछ देर बाद गोवा पुलिस ने नवीन को कॉल कर घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिवार में मातम छा गया।

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“अब बच्चों और मां का क्या होगा?”

पड़ोसी हरीश कहते हैं—

“दोनों बहनों के छोटे-छोटे बच्चे हैं। मां बूढ़ी और बीमार हैं। पूरा परिवार टूट गया है। अब घर कैसे संभलेगा, यही सबसे बड़ा सवाल है।”

गोवा पुलिस हादसे की जांच कर रही है कि नाइटक्लब में सुरक्षा इंतज़ाम क्यों नाकाफी थे, और आग लगने के बाद बाहर निकलने के लिए पर्याप्त मार्ग क्यों नहीं थे।

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