
लखनऊ में GST चोरी का बड़ा स्कैम; फर्जी फर्म बनाकर हड़पा 3 करोड़ का टैक्स…
GST fraud in UP: लखनऊ में राज्य कर विभाग ने एक बड़े जीएसटी(GST) चोरी रैकेट का पर्दाफाश किया है. विभाग की जांच में सामने आया है कि सर्वश्री कृष्णा इंटरप्राइजेज नामक एक फर्जी फर्म का गठन कर, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों रुपए की इनपुट टैक्स क्रेडिट का अवैध दावा किया.
इस धोखाधड़ी के मामले में विभाग ने फर्म के मालिक के खिलाफ आलमबाग थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया है, जिसने करीब 3 करोड़ की टैक्स क्रेडिट हड़पी थी.
फर्जी फर्म का पता और कारोबार:
डिप्टी कमिश्नर राज्य कर रेंज ‘बी’, लखनऊ की ओर से भेजी गई शिकायत के अनुसार, सर्वश्री कृष्णा इंटरप्राइजेज नामक फर्म का पंजीकरण 24 सितंबर 2025 को किया गया था. जांच में फर्म का घोषित पता आदर्श नगर आलमबाग, सही नहीं पाया गया.
चोरी के इरादे से बनी फर्म:
विभाग ने पाया कि इस पते पर फर्म का कोई वास्तविक व्यावसायिक संचालन नहीं हो रहा था. फर्म के मालिक अमोड बाबू काडगी द्वारा पंजीकरण के लिए जमा किया गया स्वामित्व दस्तावेज (बिजली बिल) यूपीपीसीएल वेबसाइट पर सत्यापित नहीं हुआ. पंजीकरण में दर्ज मोबाइल नंबर भी निष्क्रिय पाया गया. इससे यह स्पष्ट होता है कि इस फर्म का गठन पूरी तरह से फर्जी कागजात के आधार पर कर चोरी के इरादे से किया गया था.
3 करोड़ का फर्जी ITC:
विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, फर्जी फर्म कृष्णा इंटरप्राइजेज ने वित्त वर्ष 2024-25 में 3.07 करोड़ रुपए से अधिक का आईटीसी प्रदर्शित किया. इसमें से लगभग 2.94 करोड़ रुपए अन्य फर्जी फर्मों को पास ऑन कर दिया गया. राज्य कर विभाग ने बताया कि यह पूरा लेन-देन सुनियोजित तरीके से बड़े पैमाने पर कर चोरी के इरादे से किया गया था.
राज्य कर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों की जांच और फर्म की अनुपस्थिति से यह स्पष्ट है कि यह फर्म सिर्फ टैक्स चोरी के लिए बनाई गई थी. विभाग ने फर्म मालिक के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू कर दी है.
इंस्पेक्टर आलमबाग सुभाष चन्द्र सरोज ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है.





