हर दिन मुट्ठी भर अखरोट खाने वालों को हृदय रोग की कम संभावना

अखरोट

नई दिल्ली। स्वस्थ उम्रदराज़ लोग जो लगातार दो सालों से हर दिन मुट्ठी भर अखरोट (लगभग 1/2 कप) खा रहे हैं, उनमें कम लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन या एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के स्तर में कमी देखी गई। रोजाना अखरोट खाने से एलडीएल कणों की संख्या भी कम हो जाती है, जो हृदय रोग के जोखिम का बड़ा कारण है।

यह जानकारी के एक नए अध्ययन में पता चली है। अध्ययन के निष्कर्ष अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की प्रमुख पत्रिका ‘सर्कुलेशन’ में प्रकाशित हुए थे। दरअसल अखरोट ओमेगा-3 फैटी एसिड का एक समृद्ध स्रोत है, जिसका हृदय स्वास्थ्य पर लाभकारी प्रभाव देखा गया है।

इस में 708 प्रतिभागी शामिल थे, जिनकी उम्र 63 और 79 के बीच थी और इनमें 68 प्रतिशत महिलाएं थीं। यह सभी प्रतिभागी बार्सिलोना, स्पेन और लोमा लिंडा, कैलिफ़ोर्निया में रहने वाले स्वस्थ, स्वतंत्र वयस्क थे।

दो साल बाद प्रतिभागियों का कोलेस्ट्रोल लेवल को जांचा गया। दो साल के अध्ययन के बाद पूर्ण लिपोप्रोटीन विश्लेषण उपलब्ध हुआ। जिसमें ये बातें सामने आईं-

– 2 साल के बाद प्रतिभागियों का जो समूह, अखरोट खा रहा था उनमें एलडीएल कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम होता दिखा, औसतन 4.3 मिलीग्राम/डीएल, और कुल कोलेस्ट्रॉल 8.5 मिलीग्राम/डीएल के औसत से कम।

– अखरोट के दैनिक सेवन से कुल एलडीएल कणों की संख्या 4.3 प्रतिशत और छोटे एलडीएल कणों की संख्या 6.1 प्रतिशत कम हो गई।

– कई लोग इस बात चिंतित थे कि रोज़ाना अखरोट खाने से उनका वज़न तेज़ी से बढ़ सकता है। हालांकि, शोध में यह बात साफ हुई कि अखरोट में स्वस्थ वसा पाई जाती है, जिससे प्रतिभागी मोटापे के शिकार नहीं हुए।

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, अखरोट विशेष रूप से ओमेगा -3 फैटी एसिड में उच्च होते हैं, वही हृदय-स्वस्थ वसा जो तैलीय मछली में पाया जाता है।

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