
मैं TIPS देने को तैयार हूं, बस विपक्ष उन्हें लागू करना सीखे’… पीएम मोदी की कड़ी नसीहत
PM Modi TIPS: संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर तीखे प्रहार किए और सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने की अपील की। पीएम मोदी ने विपक्ष से कहा कि वह अपनी रणनीति बदले, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों से जिस तरह की राजनीति की जा रही है, देश उसे स्वीकार नहीं कर रहा है।
उन्होंने कहा कि वे विपक्ष को “परफॉर्म” करने के टिप्स देने के लिए भी तैयार हैं, लेकिन सांसदों… विशेषकर पहली बार चुनकर आए युवा सदस्यों के अधिकारों पर रोक नहीं लगनी चाहिए।
नारे नहीं, नीति पर बल देना होगा: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि संसद देश की नीतियों, भविष्य की दिशा और विकास से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों का स्थान है, इसलिए यहां नारेबाज़ी और ड्रामा नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा:
“ड्रामा करने के लिए देश में बहुत जगहें हैं, लेकिन सदन में ड्रामा नहीं— डिलीवरी चाहिए। नारे नहीं, नीति पर जोर देना होगा।”
पीएम के अनुसार, आने वाला शीतकालीन सत्र राष्ट्र को प्रगति की ओर ले जाने वाले प्रयासों को ऊर्जा देगा।
विपक्ष पर ‘चुनावी वॉर्म-अप’ का आरोप
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ विपक्षी दल सदन का उपयोग “चुनावों के वॉर्म-अप” या अपनी “पराजय की बौखलाहट” निकालने के लिए कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों में सत्ता-विरोधी लहर (Anti-incumbency) इतनी अधिक है कि नेता जनता के बीच जाने से बच रहे हैं और अपना गुस्सा संसद में निकाल रहे हैं। पीएम मोदी के अनुसार यह राज्य की राजनीति को राष्ट्रीय संसद में लाने की “नई और चिंताजनक परंपरा” है।
“10 साल से जो खेल चल रहा है, देश उसे स्वीकार नहीं कर रहा”
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल पिछले एक दशक से जिस तरह की राजनीति कर रहे हैं, वह जनता की अपेक्षाओं से मेल नहीं खाती।
“इन दलों को आत्मचिंतन करना चाहिए। देश उनकी रणनीतियों को नकार रहा है, इसलिए अब उनकी भूमिका और भी जिम्मेदार होनी चाहिए।”
नए और युवा सांसदों के प्रति चिंता
पीएम मोदी ने विशेष रूप से पहली बार सदन में आए युवा सांसदों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सभी दलों के युवा सांसद बोले जाने को लेकर परेशान हैं, जबकि उन्हें संसद में अपनी क्षमता और अनुभवों को प्रस्तुत करने का पूरा अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जहां नारे लगाने हैं, वह पूरा देश पड़ा है। यहां नीति पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन इसके लिए नीयत जरूरी है।
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लोकतंत्र और अर्थव्यवस्था पर पीएम मोदी का जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने अपने तेज़ आर्थिक विकास और लोकतांत्रिक ढांचे के संयोजन से दुनिया को यह साबित कर दिया है कि “Democracy Can Deliver”।
उन्होंने कहा कि
- चुनावों में माताओं और बहनों की भागीदारी बढ़ रही है
- लोकतंत्र मजबूत हो रहा है
- अर्थव्यवस्था नई ऊँचाइयाँ छू रही है
ये सभी बातें वैश्विक स्तर पर भारत की छवि को नई मजबूती देती हैं।
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हार की निराशा और जीत का अहंकार — दोनों से दूर रहें
पीएम मोदी ने शीतकालीन सत्र के दौरान संतुलन बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने विपक्ष को कहा कि पराजय की बौखलाहट को संसद का मैदान मत बनने दें। यह सत्र विजय के अहंकार में भी नहीं बदलना चाहिए। सदन में देश की जनता का कर्तव्य निभाएं और आगे की सोचें। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ दल बिहार चुनाव के बाद निराशा से बाहर आएंगे, लेकिन उनके ताज़ा बयानों से ऐसा नहीं लगा।
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