भारतीय प्रतिभाओं के पलायन से अमेरिका चिंतित, विशेषज्ञों ने सरकार को किया आगाह

H1B visa

वाशिंगटन। भारतीय प्रतिभाओं के दम पर पूरे विश्व में डंका बजा रहे अमेरिका की गलत वीजा नीति के कारण भारतीय प्रतिभा अब अमेरिका के बजाय कनाडा जा रही है। इसके लिए अमेरिकी सरकार को विशेषज्ञों ने आगाह किया है।

विशेषज्ञों ने कहा कि विशेष रूप से एच 1 बी वीजा और देशों के कोटा निर्धारण को लेकर तत्काल नियमों में परिवर्तन करना चाहिए।

यदि वीजा नियमों में ग्रीन कार्ड और स्थायी निवास की सहूलियतों को आसान नहीं किया गया तो बेहतरीन भारतीय प्रतिभा से अमेरिका को वंचित होना पड़ेगा।

यह ऐसे समय में हो रहा है, जब चीन की लगातार बढ़ती ताकत से लड़ने के लिए अमेरिका प्रतिस्पर्धा को तेज करने का प्रयास कर रहा है।

नेशनल फाउंडेशन फॉर अमेरिकन पालिसी के स्टुअर्ट एंडरसन ने चेतावनी दी है कि भारतीयों के लिए रोजगार आधारित श्रेणियों में वीजा का बैकलाग 9 लाख से ज्यादा है। 2030 तक यह संख्या 21 लाख से ज्यादा हो जाएगी।

एंडरसन ने सीनेट की आव्रजन संबंधी समिति के सामने ये आंकड़े पेश करते हुए कहा कि यदि अमेरिका ने अपनी पुरानी नीतियों को नहीं बदला तो भारतीय प्रतिभा का कनाडा के लिए पलायन और तेज हो जाएगा।

अमेरिका के विश्वविद्यालय में 2016-17 से 2018-19 के बीच के शिक्षा सत्र में कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग में 25 फीसद भारतीय छात्रों में कमी आई है।

दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने एक प्रख्यात भारतीय अमेरिकी चिकित्सक और एक सर्जन को अपने प्रशासन ने अहम भूमिकाओं के लिए नियुक्त किया है।

डॉ. राहुल गुप्ता को ‘नेशनल ड्रग कंट्रोल पॉलिसी’ के कार्यालय के निदेशक के पद पर व सर्जन अतुल गवांडे को अमेरिकी एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट के ब्यूरो आफ हेल्थ के एसिस्टेंट एडमिनिस्ट्रेटर के पद पर नियुक्त किया है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button