
Iran जहाज पर हमले के बाद भारत का संतुलित रुख… रायसीना डायलॉग में बोले जयशंकर
S. Jaishankar: हिंद महासागर में अमेरिकी टॉरपीडो हमले का शिकार हुए ईरानी जहाज आईरिस डेना को लेकर भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने देश का रुख साफ किया है। उन्होंने कहा कि जहाज के साथ जो हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण था और वह “गलत समय पर गलत जगह” फंस गया था।
विदेश मंत्री ने यह बात नई दिल्ली में आयोजित रायसीना डायलाग के दौरान कही। उन्होंने बताया कि भारत ने मानवीय आधार पर क्षतिग्रस्त ईरानी जहाज को कोच्ची में डॉक करने की अनुमति दी, ताकि जहाज को जरूरी मरम्मत और सहायता मिल सके।
हिंद महासागर में हुआ था हमला
रिपोर्ट्स के मुताबिक हिंद महासागर में चल रहे सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी नौसेना के टॉरपीडो हमले में ईरानी नौसेना का जहाज आईरिस डेना क्षतिग्रस्त हो गया था। इस घटना के बाद जहाज को सुरक्षित बंदरगाह की जरूरत थी।
इसी दौरान भारत से सहायता मांगी गई, जिसके बाद भारतीय अधिकारियों ने स्थिति की समीक्षा की और मानवीय आधार पर जहाज को कोच्चि पोर्ट में आने की अनुमति दे दी।
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जयशंकर बोले- मानवीय मदद से पीछे नहीं हटेगा भारत
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि समुद्री नियमों और अंतरराष्ट्रीय मानवीय परंपराओं के अनुसार किसी भी संकटग्रस्त जहाज को सहायता देना जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि भारत ने इसी सिद्धांत का पालन करते हुए यह फैसला लिया।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह फैसला किसी राजनीतिक या सैन्य पक्ष का समर्थन करने के लिए नहीं, बल्कि पूरी तरह मानवीय आधार पर लिया गया था।
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मिडिल ईस्ट तनाव के बीच बढ़ी संवेदनशीलता
विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के बीच यह घटना काफी संवेदनशील मानी जा रही है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण हिंद महासागर और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में भी सैन्य गतिविधियां बढ़ गई हैं।
भारत ने इस पूरे मामले में संतुलित रुख अपनाते हुए मानवीय सहायता प्रदान की है, ताकि क्षेत्रीय तनाव के बीच भी अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों का पालन किया जा सके।
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