उप्र: 24 मई तक बढ़ा कोरोना कर्फ्यू, इन लोगों को मिलेगा एक हजार रुपए का भत्ता

यूपी में 24 मई तक बढ़ा कोरोना कर्फ्यू

लखनऊ। उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शनिवार को वर्चुअल माध्यम से संपन्न मंत्रिमण्डल की बैठक में प्रदेश में लागू आंशिक कोरोना कर्फ्यू को सोमवार 24 मई सुबह 07 बजे तक विस्तारित करने का निर्णय लिया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आंशिक कोरोना कर्फ्यू के माध्यम से प्रदेश में कोविड संक्रमण को नियंत्रित करने में बड़ी मदद मिल रही है। इसके दृष्टिगत इसकी अवधि को बढ़ाया जा रहा है। राज्य सरकार पूर्व से ही कोविड-19 की निःशुल्क जांच एवं उपचार की सुविधा उपलब्ध करा रही है।

इसके अलावा, निःशुल्क कोरोना वैक्सीनेशन कार्य भी प्रदेश में संचालित किया जा रहा है। इसके अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों तथा राज्य सरकार द्वारा 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लोगों का निःशुल्क टीकाकरण कराया जा रहा है।   

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों में गरीबों और जरूरतमन्दों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा अन्त्योदय एवं पात्र गृहस्थी श्रेणी के राशनकार्ड धारकों को 3 माह के लिए प्रति यूनिट 3 किलो गेहूं तथा 2 किलो चावल निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।

इस प्रकार, प्रति यूनिट 5 किलो निःशुल्क खाद्यान्न जरूरतमन्दों को मिलेगा। इससे प्रदेश की लगभग 15 करोड़ जनसंख्या लाभान्वित होगी।     

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के गरीब और कमजोर वर्गों को हर सम्भव राहत और मदद उपलब्ध कराने के लिए कृतसंकल्पित है। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में दैनिक रूप से कार्य कर अपना जीविकोपार्जन करने वाले ठेला, खोमचा, रेहड़ी,

खोखा आदि लगाने वाले पटरी दुकानदारों, दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा/ई-रिक्शा चालक, पल्लेदार सहित नाविकों, नाई, धोबी, मोची, हलवाई आदि जैसे परम्परागत कामगारों को एक माह के लिए 1,000 रुपए का भरण-पोषण भत्ता प्रदान किए जाने के निर्देश दिए। इससे लगभग 01 करोड़ गरीबों को राहत मिलेगी। 

कम्युनिटी किचन के माध्यम से भोजन की व्यवस्था की जाए    

मुख्यमंत्री ने कहा कि आंशिक कोरोना कर्फ्यू के दौरान जरूरतमन्दों के लिए कम्युनिटी किचन के माध्यम से भोजन की व्यवस्था जारी रखी जाए।

आवश्यक एवं अनिवार्य सेवाओं को यथावत संचालित किया जाए। उन्होंने बेसिक शिक्षा को छोड़कर, अन्य सभी स्तर की शिक्षण संस्थाओं में 20 मई से ऑनलाइन क्लास का संचालन प्रारम्भ किए जाने के निर्देश दिए।     

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए कृतसंकल्पित है। प्रदेश के सभी श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए 2 योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

दुर्घटना में दुर्भाग्यवश किसी श्रमिक की मृत्यु अथवा दिव्यांगता हो जाने पर 2 लाख रुपए के सुरक्षा बीमा कवर तथा 5 लाख रुपए तक के स्वास्थ्य बीमा कवर की व्यवस्था इन योजनाओं के माध्यम से की गई है।  

लेकिन आम जनता के मन में उठते सवाल

आज मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि आंशिक कोरोना कर्फ्यू के माध्यम से प्रदेश में कोविड संक्रमण को नियंत्रित करने में बड़ी मदद मिल रही है।

सवाल यह है कि पंचायत चुनाव के नतीजों के दौरान और उसके बाद उमड़ी भीड़ से क्या संक्रमण नहीं फैला?

क्या पंचायत चुनाव के नतीजे कुछ समय के लिए रोके नहीं जा सकते थे?

क्या ये नतीजे उप्र में कोविड संक्रमण के लिए super spreder (बहुत बड़ा प्रसारित करनेवाला) नहीं साबित हुए?


पंचायत चुनाव के नतीजों के दौरान उमड़ी भीड़

आम जनमानस के मन में एक सवाल और भी उठता है कि इस देश में जहां सालों तक तैयारी करने वाले छात्रों के परीक्षाफल वर्षों तक नहीं घोषित किए जाते तो पंचायत चुनाव के नतीजे न घोषित करने से कौन सा आसमान टूट पड़ता?

पंचायत चुनाव के नतीजों के दौरान उमड़ी भीड़

और शायद तब यह कोरोना कर्फ्यू लगाने की जरूरत ही नहीं पड़ती जिससे तमाम घर फांकाकशी की नौबत से बच जाते।   

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