यूपी छोड़ो, बंगाल आओ…’ मौलाना जर्जिस अंसारी के बयान से मचा सियासी बवाल

Jarjis Ansari Viral Video: इटावा से जुड़े मौलाना जर्जिस अंसारी का एक विवादित बयान सामने आया है, जिसने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। मौलाना ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मुसलमानों को यूपी छोड़कर पश्चिम बंगाल आने की सलाह दी है। यह बयान उन्होंने पश्चिम बंगाल में एक कार्यक्रम के दौरान दिया था, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

क्या कहा मौलाना जर्जिस अंसारी ने?
वायरल वीडियो में मौलाना जर्जिस अंसारी कहते नजर आ रहे हैं कि उत्तर प्रदेश में मुसलमानों के लिए हालात ठीक नहीं हैं और वहां की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अगर उन्हें सुरक्षित और बेहतर माहौल चाहिए तो वे पश्चिम बंगाल का रुख करें।


मौलाना के इस बयान को कई लोग सीधे तौर पर यूपी सरकार और प्रशासन पर हमला मान रहे हैं।

बयान पश्चिम बंगाल में, जुड़ाव इटावा से
बताया जा रहा है कि मौलाना जर्जिस अंसारी का संबंध उत्तर प्रदेश के इटावा जिले से है, जबकि यह बयान उन्होंने पश्चिम बंगाल में एक धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रम के दौरान दिया। बयान सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल—दोनों राज्यों की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है।

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सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

  • कुछ लोग मौलाना के बयान को भड़काऊ और विभाजनकारी बता रहे हैं।
  • वहीं समर्थक इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी और जमीनी हकीकत से जुड़ा बयान बता रहे हैं।
  • ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर वीडियो को लाखों बार देखा जा चुका है और हैशटैग के साथ बहस जारी है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया की संभावना
हालांकि, खबर लिखे जाने तक उत्तर प्रदेश सरकार या प्रशासन की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में इस बयान पर सियासी दलों की प्रतिक्रियाएं तेज हो सकती हैं।

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पहले भी आ चुके हैं ऐसे बयान
यह पहला मौका नहीं है जब किसी धार्मिक या सामाजिक नेता के बयान को लेकर कानून-व्यवस्था और पलायन जैसे मुद्दे चर्चा में आए हों। ऐसे बयान अक्सर चुनावी माहौल या राजनीतिक तनाव के बीच विवाद का रूप ले लेते हैं।

प्रशासन की नजर
सूत्रों के अनुसार, वायरल वीडियो की जांच की जा रही है और यह देखा जा रहा है कि बयान से किसी प्रकार की सामाजिक सौहार्द को ठेस तो नहीं पहुंची है।

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