Republic Day 2026: इस बार की परेड है खास, जाने चीफ गेस्ट से लेकर थीम तक…

Republic Day 2026: हर साल 26 जनवरी को बड़े जोश और उत्साह के साथ गणतंत्र दिवस मनाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस साल क्या है परेड की थीम और कौन हैं चीफ गेस्ट? आइए, जानते हैं।

Republic Day 2026: हर साल 26 जनवरी को देशभर में धूमधाम से गणतंत्र दिवस (Republic Day) मनाया जाता है। इस बार भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाएगा। राष्ट्रीय राजधानी में 26 जनवरी को होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में इस बार कई अन्य अभूतपूर्व चीजें भी देखने को मिलेंगी। दिल्ली में कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार लंबी दूरी तक मारक क्षमता वाली रॉकेट लॉन्चर प्रणाली ‘सूर्यास्त्र’, नवगठित भैरव लाइट कमांडो बटालियन, जांस्कर टट्टू और बैक्ट्रियन ऊंट शामिल होंगे।

चार साल बाद पीठ पर खोंपा युद्ध का खंजर

आज से करीब 68 साल पहले हुए इस गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्‍य अतिथि के तौर पर आए चीनी मार्शल ये जियानयिंग ने भारत की सैन्‍य शक्ति का आंकलन किया और चीन वापस जाकर युद्ध की तैयारियों में जुट गए. और फिर, चार साल बाद भारत की पीठ पर युद्ध का खंजर खोंप दिया. दरअसल, 1958 का गणतंत्र दिवस भारत-चीन संबंधों के इतिहास में एक प्रतीकात्मक क्षण था. उस दिन राजपथ पर भारत के राष्ट्रपति के साथ मुख्य अतिथि के रूप में चीन के मार्शल ये जियानयिंग की मौजूदगी ‘हिंदी-चीनी भाई-भाई’ के नैरेटिव को सेट करने की कोशिश थी.

कौन हैं इस बार के मुख्य अतिथि?

इस साल भारत ने कूटनीति में एक नया इतिहास रचा है। दरअसल, गणतंत्र दिवस 2026 के लिए एक नहीं, बल्कि दो मुख्य अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। ये दोनों यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता हैं

  • उर्सुला वॉन डेर लेयेन (Ursula von der Leyen), जो कि यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष हैं।
  • एंटोनियो कोस्टा (António Costa), जो यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष हैं।

यह पहली बार है जब यूरोपीय संघ के शीर्ष नेतृत्व को इस तरह संयुक्त रूप से आमंत्रित किया गया है, जो भारत और यूरोप के मजबूत होते रिश्तों को दर्शाता है।

क्या है साल 2026 की थीम?

इस बार गणतंत्र दिवस की थीम बेहद ऐतिहासिक है। सरकार ने इस वर्ष को राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने के उत्सव के रूप में मनाने का फैसला किया है (150 Years of Vande Mataram)।

पूरे कर्तव्य पथ पर आपको ‘वंदे मातरम’ की झलक दिखेगी। झांकियों से लेकर टिकट्स के डिजाइन तक, हर जगह बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित इस गीत को सम्मान दिया जाएगा।

गणतंत्र दिवस से जुड़े कुछ जरूरी फैक्ट्स

क्या आपने कभी सोचा है कि गणतंत्र दिवस के लिए 26 जनवरी की तारीख ही क्यों तय की गई? इसका ऐतिहासिक कारण यह है कि साल 1930 में इसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने ‘पूर्ण स्वराज’ की घोषणा की थी। इस घोषणा का मकसद ब्रिटिश शासन से पूरी तरह आजादी पाना था। इसी ऐतिहासिक दिन को यादगार बनाने के लिए 26 जनवरी को चुना गया।

हमारा संविधान सिर्फ एक कानूनी किताब नहीं, बल्कि देश की आत्मा है। डॉ. बी.आर. अंबेडकर ने इस ऐतिहासिक दस्तावेज को तैयार करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई थी। उन्हें भारतीय संविधान का ‘मुख्य वास्तुकार’ माना जाता है। इस नए संविधान ने ‘गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट, 1935’ की जगह ली और देश को एक नया ढांचा दिया।

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