
मानसून में कैसे रखें सेहत का ध्यान, कही स्वाद ना बिगाड़ दे आपका हाल…
Monsoon Health Tips: बरसात का मौसम जितना सुहावना होता है, उतना ही शरीर के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है। क्योंकि इस दौरान कुछ दिक्कतों और इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। इनसे बचने के लिए क्या करना चाहिए आइए जानते है आहार विशेषज्ञ डॉ शशि सिंह से-
Monsoon Health Tips: मानसून के सुहावने मौसम में झमाझम बारिश के साथ पकौड़े चाय का आनंद ही अलग है। परिवार के साथ चटपटे व्यंजन और चाय की चुस्कियों का कोई जवाब नहीं है। हालांकि ये मौसम अपने साथ बहुत सारे संक्रमण और बीमारियां लेकर भी आता है जो कम रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) वाले बच्चों व बुजुर्गों को अपनी चपेट में आसानी से ले लेता है। बरसात में सर्दी, जुकाम, डेंगू, बुखार और मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए हमें अपने स्वजनों के आहार का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
आइए एक नजर डालते हैं मानसून के उपयुक्त आहार पर –
मौसमी फल- मानसून में पाए जाने वाले फलों जैसे आम, संतरा, तरबूज, जामुन,खरबूज आदि स्वाद के साथ-साथ आपकी रोगप्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाते हैं।
गर्म पेय पदार्थ- बरसात के मौसम में बाजार में मिलने वाले पेय पदार्थों से जुकाम, खांसी और गला खराब जैसी समस्याएं होने की संभावना अधिक होती है। ऐसी स्थिति में बाजार के पेय पदार्थों की अपेक्षा घर पर बने पेय पदार्थ अधिक स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक होते हैं जिसमें हल्दी वाला दूध, तुलसी,अदरक, इलायची और लौंग वाली चाय, हर्बल टी, काढ़ा, सब्जियों का सूप, इत्यादि आसानी से घर पर बनाए जा सकते हैं।
हल्का आहार लें- बरसात के मौसम में अत्यधिक तला, भुना, चटपटा मसालेदार खाना अच्छा लगता है पर कुछ समय बाद यह हमारे पाचन को प्रभावित करता है जिससे कब्ज की समस्या होती है, ऐसे में हल्का आहार लें। खिचड़ी, पोहा इत्यादि उपयुक्त विकल्प हैं। इसके अलावा दही, छांछ (जिनमें प्रोबायोटिक्स होते हैं) का प्रयोग रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
उबला पानी- बरसात के मौसम में पानी हमेशा उबलने के बाद ठंडा कर के पीना चाहिए। इसका प्रयोग २४ घंटे के अन्दर करना ज्यादे बेहतर होता है।
बाजार के खाने का बहिष्कार- इस मौसम में बाजार के खाद्य पदार्थों का बहिष्कार आपको बीमारियों से बचाने के लिए जरूरी है। सड़क किनारे मिलने वाले ये आहार स्वास्थ्य के लिए जरूरी मानदंडों पर खरे नहीं होते हैं तथा ये पेट संबंधित रोगों को बढ़ाने में सहायक होते हैं।
याद रखें, मानसून में विशेष रूप से बहुत मसालेदार गरिष्ठ भोजन, कच्ची सब्जियां और सलाद, सड़क किनारे मिलने वाले खाद्य पदार्थ, मांस (विशेष रूप से मछली), और समुद्री जीवों का सेवन बंद कर दें या यथासंभव बहुत ही कम कर दें।
डॉ शशि सिंह
एम.फिल.(न्यूट्रिशियन)
पूर्व आहार विशेषज्ञ
के.जी.एम.यू, लखनऊ





