लखनऊ में बड़ा लैंड स्कैम, सरकारी जमीन की फर्जी रजिस्ट्री और 150 करोड़ का चूना!

Lucknow Land Scam: लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार (खरगापुर) में सरकारी और एलडीए की जमीन पर फर्जी रजिस्ट्री का बड़ा खुलासा हुआ है। भूमाफिया ने खरीदी गई जमीन से 5 गुना अधिक जमीन बेचकर सरकार को 150 करोड़ से ज्यादा का राजस्व नुकसान पहुंचाया है।

Lucknow Land Scam: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पॉश इलाके गोमतीनगर विस्तार में जमीन धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां के खरगापुर में सरकारी और लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की बेशकीमती जमीन की फर्जी रजिस्ट्री कर अवैध प्लॉटिंग का बड़ा खेल खेला गया है।

लेखपाल की शुरुआती जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी ने जितनी जमीन असल में खरीदी थी, उससे करीब पांच गुना ज्यादा जमीन की फर्जी रजिस्ट्री कर डाली। इस पूरे महाघोटाले से सरकार को 150 करोड़ रुपये से अधिक के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान लगाया गया है।

समिति को बेची गई जमीन की दोबारा कर दी रजिस्ट्री

तहसील प्रशासन और लेखपाल की जांच रिपोर्ट के मुताबिक, यह पूरा फर्जीवाड़ा ग्राम खरगापुर की गाटा संख्या 234, 235, 249 और 250 में किया गया है। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि साल 1993 में जो जमीन पहले ही ‘ममता सहकारी समिति’ को बेची जा चुकी थी, उसे ही जालसाजों ने दोबारा बैनामा करा लिया।

इसी फर्जी बैनामे के आधार पर भूमाफियाओं ने 100 से अधिक फर्जी विक्रय विलेख (Sale Deeds) तैयार किए और धड़ल्ले से आम लोगों को प्लॉट बेच दिए। शिकायतकर्ता विनय मिश्रा ने इस धोखाधड़ी से जुड़े लगभग 63 संदिग्ध विक्रय विलेखों की प्रमाणित प्रतियां प्रशासन को सौंप दी हैं, जिससे जांच में तेजी आई है।

तालाब और बंजर सरकारी जमीन भी नहीं छोड़ी

लेखपाल की रिपोर्ट में इस बात का भी सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि जालसाजों ने सिर्फ निजी या समिति की जमीन ही नहीं, बल्कि सरकारी संपत्तियों पर भी अवैध कब्जा किया। ग्राम समाज की बंजर भूमि (गाटा संख्या 246, 247, 248) और गांव के तालाब की जमीन (गाटा संख्या 227 और 228) पर भी अवैध कब्जा कर वहां धड़ल्ले से प्लॉटिंग कर दी गई।

भूमाफिया बाफिला गैंग से जुड़े हैं तार

इस पूरे फर्जीवाड़े के मुख्य आरोपी की पहचान वीरेंद्र कुमार सिंह उर्फ वीके सिंह के रूप में हुई है। प्रशासन के सूत्रों के अनुसार, वीके सिंह का नाम लखनऊ के कुख्यात भूमाफिया बाफिला गैंग से जुड़ा हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए लेखपाल ने इन सभी फर्जी बैनामों को तत्काल शून्य (निरस्त) घोषित करने और सक्षम कोर्ट में मुकदमा दायर करने की सिफारिश की है।

हाल ही में 250 करोड़ की जमीन पर चला था बुलडोजर

आपको बता दें कि इस मामले में प्रशासन पहले ही सख्त रुख अपना चुका है। पिछले महीने ही गोमतीनगर विस्तार-1 में जिला प्रशासन और एलडीए ने बड़ी कार्रवाई की थी। आरोपी के कब्जे वाली लगभग एक लाख वर्ग फीट सरकारी और अर्जित जमीन पर योगी सरकार का बुलडोजर चला था। ध्वस्त की गई इस जमीन की बाजार में अनुमानित कीमत करीब 250 करोड़ रुपये आंकी गई थी।

शासन के निर्देश पर दोहरी जांच शुरू

इस महाघोटाले की गूंज शासन स्तर तक पहुंच चुकी है। शासन के कड़े निर्देश के बाद अब इस मामले की दो अलग-अलग स्तरों पर जांच की जा रही है। एक तरफ गोमतीनगर पुलिस आपराधिक एंगल से मामले की पड़ताल कर रही है, तो वहीं दूसरी तरफ तहसील प्रशासन राजस्व से जुड़े दस्तावेजों को खंगाल रहा है।

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अधिकारियों का बयान

“पूरे प्रकरण की गहराई से जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और फर्जी रजिस्ट्रियों को निरस्त कराया जाएगा।” – प्रथमेश कुमार, उपाध्यक्ष (LDA)

यह रिपोर्ट लखनऊ प्रशासन और राजस्व विभाग से मिली आधिकारिक जानकारियों व लेखपाल की जांच रिपोर्ट पर आधारित है।

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