
Lucknow News: ला मार्टिनियर की छात्रा ने बनाया विश्व रिकॉर्ड, 1 मिनट में किए 37 कार्टव्हील!
लखनऊ के ला मार्टिनियर की छात्रा मोहलक्षिका सिंह ने 1 मिनट में 37 कार्टव्हील कर अमेजिंग ओलंपिया वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराया।
Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की एक 6 वर्षीय नन्हीं प्रतिभा ने पूरे देश का नाम दुनिया भर में रोशन कर दिया है। लखनऊ के प्रतिष्ठित ला मार्टिनियर गर्ल्स कॉलेज की कक्षा 2 की छात्रा कुमारी मोहलक्षिका सिंह ने जिम्नास्टिक में अपनी असाधारण प्रतिभा, साहस और अनुशासन का परिचय देते हुए अमेजिंग ओलंपिया वर्ल्ड रिकॉर्ड्स (कनाडा) में अपना नाम दर्ज कराया है।
मात्र 6 वर्ष 9 माह की उम्र में मोहलक्षिका ने जिम्नास्टिक में एक मिनट के भीतर बैक-एंड-फोर्थ (शटल) मूवमेंट करते हुए 37 वैध कार्टव्हील (Cartwheel) सफलतापूर्वक पूर्ण कर नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया।
इस श्रेणी में बनाया विश्व रिकॉर्ड
यह आधिकारिक रिकॉर्ड प्रयास लखनऊ के सदर (कैंट) स्थित एस.पी. पब्लिक स्कूल में ‘परफॉर्मिंग एंड फाइन आर्ट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (PFAFI) के सहयोग से आयोजित किया गया था।
मोहलक्षिका ने यह विश्व रिकॉर्ड “द मोस्ट अल्टरनेटिंग वन-हैंड एंड टू-हैंड कार्टव्हील सीक्वेंसेस इन वन मिनट” (Gymnastics Under-16, Female Individual Event) श्रेणी में दर्ज किया है। एक मिनट में लगातार एक हाथ और दोनों हाथों से शटल मूवमेंट के साथ 37 कार्टव्हील करना उनकी कड़ी मेहनत और निरंतर अभ्यास को दर्शाता है।
मिला ऑफिशियल सर्टिफिकेट
विश्व रिकॉर्ड स्थापित करने के बाद लखनऊ में एक गरिमामय अभिनंदन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जहां मोहलक्षिका को कनाडा के अमेजिंग ओलंपिया वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का आधिकारिक प्रमाण-पत्र (World Record Certificate) सौंपा गया।
समारोह में उपस्थित प्रमुख अतिथियों ने किया सम्मानित:
अर्जुन पुरस्कार विजेता: रचना गोविल
विशिष्ट अतिथि: आनंद शेखर सिंह (अध्यक्ष, बाबू सुंदर सिंह ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स), प्रणय विक्रम सिंह (वरिष्ठ पत्रकार) और पवन सिंह चौहान (एमएलसी, उत्तर प्रदेश विधान परिषद)।
अन्य गणमान्य अतिथि: जसपाल सिंह (जनरल सेक्रेटरी, यूपी कराते एसोसिएशन), दुर्गेश त्रिपाठी (राष्ट्रीय अध्यक्ष, एकल फ्यूचर) और के.बी. पंत।
लगन और अभ्यास का परिणाम
समारोह में पहुंचे शिक्षाविदों, खेल विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मोहलक्षिका की प्रतिभा और दृढ़ संकल्प की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि मोहलक्षिका ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास सच्चे हों, तो उम्र कभी भी सफलता के रास्ते में रुकावट नहीं बनती। उनकी यह उपलब्धि देश के अन्य छोटे बच्चों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।





