
Amitabh–Shah Rukh से लेकर Kapil Dev तक…गुटखा Ads विवाद में HC सख्त
UP News: लखनऊ हाई कोर्ट की इलाहाबाद पीठ ने गुटखा कंपनियों के प्रचार मामले में केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) पर ₹5500 का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना 2023 से लंबित जांच में देरी के कारण लगाया गया।
इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने गुटखा कंपनियों का प्रचार करने वाले क्रिकेटरों और अभिनेताओं के मामले में कार्रवाई न करने पर केन्द्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) पर ₹5500 का हर्जाना लगाया है। न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की बेंच ने 2023 की याचिका पर अब तक जांच लंबित रहने पर नाराजगी जताई। मामले में कपिल देव, अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान सहित कई नामचीन हस्तियां घेरे में हैं।
गुटखा कंपनियों के प्रचार पर कोर्ट सख्त
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ल की खंडपीठ ने यह आदेश स्थानीय अधिवक्ता मोतीलाल यादव की ओर से दायर जनहित याचिका पर दिया। अदालत ने 25 नवंबर 2025 को ही प्राधिकरण से पूछा था कि वर्ष 2023 में याची की ओर से दिए गए प्रत्यावेदन पर अब तक जांच लंबित क्यों है। प्राधिकरण की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि जवाबी हलफनामा लगभग तैयार है और जल्द दाखिल कर दिया जाएगा।
गुटखा कंपनियों का प्रचार कर रहे एक्टर और क्रिकेटर
हालांकि, अदालत इस उत्तर से संतुष्ट नहीं हुई। याचिका में गुटखा कंपनियों के साथ-साथ क्रिकेटर कपिल देव, सुनील गावस्कर, वीरेंद्र सहवाग, क्रिस गेल तथा अभिनेता अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, अक्षय कुमार, अजय देवगन, सलमान खान, ऋतिक रोशन, टाइगर श्रॉफ, सैफ अली खान और रणवीर सिंह को भी प्रतिवादी बनाया गया है।
याचिका में कहा गया है कि ये हस्तियां, जो पान मसाला कंपनियों का प्रचार कर रही हैं, उनमें से कई पद्म पुरस्कार से सम्मानित हैं। उनके ऐसे विज्ञापनों से समाज में गलत संदेश जाता है और ये उपभोक्ता कानूनों का उल्लंघन भी करते हैं।।





