
ऑपरेशनल चूक पर DGCA की बड़ी कार्रवाई, इंडिगो की निगरानी करने वाले 4 FOIs बर्खास्त
DGCA Major Action on Indigo Cancellation: इंडिगो एयरलाइन के हालिया ऑपरेशनल क्राइसिस और बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसलेशन के बाद अब डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने सख्त कदम उठाते हुए अपनी पहली आंतरिक कार्रवाई की है। प्रारंभिक जांच में गंभीर निगरानी चूक सामने आने के बाद डीजीसीए ने इंडिगो की ऑपरेशनल ओवरसाइट संभाल रहे चार फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टर्स (FOIs) को उनके पदों से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है।
चार अधिकारियों को पद से हटाया गया
11 दिसंबर 2025 को जारी ऑफिस ऑर्डर के मुताबिक, जिन अधिकारियों को हटाया गया है, उनमें—
- ऋष राज चटर्जी
- सीमा झमनानी
- अनिल कुमार पोखरियाल
- प्रियम कौशिक
शामिल हैं।
ये सभी कॉन्ट्रैक्ट पर डीजीसीए में नियुक्त थे और इनका काम इंडिगो के सुरक्षा मानकों, फ्लाइट संचालन, क्रू मैनेजमेंट और कंप्लायंस की निगरानी करना था। डीजीसीए ने आदेश में कहा है कि “कॉम्पिटेंट अथॉरिटी की मंजूरी के बाद इन चारों अधिकारियों को उनके पैरेंट संगठन में वापस भेजा जा रहा है” और इन्हें तत्काल प्रभाव से रिलीव भी कर दिया गया है।
ऑपरेशन निगरानी में मिलीं गंभीर चूक
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई इंडिगो में पिछले कुछ हफ्तों से चल रही ऑपरेशनल अव्यवस्था और लगातार बढ़ते फ्लाइट कैंसलेशन के बाद की गई। डीजीसीए को संदेह हुआ था कि एयरलाइन की निगरानी में गंभीर लापरवाही हुई है।
इसी आधार पर एक विशेष टीम ने इंस्पेक्टरों की—
- जिम्मेदारियों
- रिपोर्टिंग प्रक्रिया
- ओवरसाइट गतिविधियों
- और पिछले महीनों के निरीक्षण रिकॉर्ड
का आकलन किया। प्रारंभिक जांच में कई अनियमितताएं और चूक पाई गईं, जिसके बाद इन अधिकारियों को हटाने का फैसला लिया गया।
इंस्पेक्टरों की अहम भूमिका
ये चारों इंस्पेक्टर इंडिगो के लिए—
- फ्लाइटों का नियमित निरीक्षण
- सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा
- क्रू उपलब्धता की निगरानी
- फ्लाइट शेड्यूलिंग की ओवरसाइट
- एफडीटीएल (Flight Duty Time Limitations) के अनुपालन की जांच
जैसे अहम कार्य संभालते थे। हाल के दिनों में एफडीटीएल नियमों, क्रू मैनेजमेंट और शेड्यूलिंग में लगातार खामियां सामने आने से इंडिगो का संचालन गड़बड़ाया और बड़ी संख्या में फ्लाइटें रद्द करनी पड़ीं।
भविष्य में ऐसी चूक न हो, इसलिए सख्ती
इंडिगो भारत की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन है और ऐसे में उसके संचालन में आई अव्यवस्था ने डीजीसीए की जवाबदेही भी बढ़ा दी है।
निगरानी में चूक का सीधा असर यात्रियों की सुरक्षा और संचालन की विश्वसनीयता पर पड़ता है। इसी वजह से डीजीसीए ने सख्त रुख अपनाते हुए यह कदम उठाया है ताकि भविष्य में एयरलाइंस की निगरानी में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।





