प्रकृति से रूबरू होने का अवसर प्रदान करता है दार्जिलिंग का पर्यटक स्थल मिरिक

mirik lake darjeeling

पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले का छोटा सा पर्यटक स्थल मिरिक समुद्रतल से पांच हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित है।

सीढ़ीदार चाय बागानों का मनोहारी दृश्य, खुशबुदार संतरों के बगीचे, झील का शांत जल, लंबे घने पेड़ों से छन कर आती हवा के झोंके किसी भी पर्यटक को प्रकृति से रूबरू होने का समुचित अवसर प्रदान करते हैं।

दार्जिलिंग आए पर्यटकों को इस स्थान की सैर अवश्य करनी चाहिए।

मिरिक लेक−

यह एक प्राकृतिक झील है। इस पर बना पुल इंजीनियरी दक्षता का सुंदर नमूना है।

सवा किलोमीटर लंबी इस झील की छटा चांदनी रात में देखते ही बनती है।

इस झील की गहराई 3 फुट से 27 फुट तक है। झील में नौका विहार की सुविधा है और मछली पकड़ने की भी।

मिरिक झील की सुंदरसलोनी मछलियों को देख कर सैलानी दंग रह जाते हैं।

प्रातः दस बजे से सायं चार बजे के बीच कभी भी नौका विहार का आनंद उठाया जा सकता है।

मिरिक लेक के पास ही पुल के दूसरी ओर ऊंचाई पर लगभग 10 मिनट चढ़ने के बाद छह−सात छोटे−छोटे मंदिरों का समूह दिखता है।

यह स्थान ‘देवी स्थान’ के नाम से जाना जाता है।

चाय बागान−

मिरिक क्षेत्र में कई चाय बागान भी हैं। यहां से सबसे निकटस्थ चाय बागान और सबसे ज्यादा नामी चाय बागान है− थर्बो चाय बागान।

रामीटेदारा−

यह मिरिक का एक महत्वपूर्ण व्यू पाइंट है। यहां बड़े तड़के से लोग सूर्योदय देखने हेतु जमा होने लगते हैं।

यहां से सूर्यास्त देखने का भी अपना एक अलग मजा है।

संतरा बागान−

संतरे के बागान मिरिक से चार किलोमीटर दूर हैं।

मिरिक क्षेत्र में बड़े व्यापक पैमाने पर संतरे की खेती की जाती है।

संतरा बागान के कर्मचारी एवं स्थानीय ग्रामीण अपने यहां पहुंचने वाले पर्यटकों की खूब आवाभगत करते हैं।

ऊपर बताए गए स्थलों के अलावा आप देवसीदारा व्यू पाइंट, राइढ़प पिकनिक स्थल, मिरिक मोनेस्ट्री आदि भी देखने जा सकते हैं।

कैसे जाएं−

मिरिक सड़क मार्ग द्वारा दार्जिलिंग, खर्सियांग, सिलीगुड़ी आदि शहरों से जुड़ा हुआ है।

सिलीगुड़ी या न्यू जलपाईगुड़ी तक पहुंचने के लिए देश के विभिन्न भागों से रेल एवं बस सेवा उपलब्ध है।

कहां ठहरें−

मिरिक में ठहरने एवं खानेपीने की उत्तम व्यवस्था है।

यहां टूरिस्ट लाज, टूरिस्ट काटेज, टूरिस्ट टेंट्स, डाक बंगला एवं यूथ होस्टल तो हैं ही साथ ही होटलों की संख्या भी अच्छी खासी है।

कब जाएं−

वर्षा के महीनों को छोड़कर मिरिक की यात्रा किसी भी मौसम में की जा सकती है।

यहां गर्मियों में अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेंटीग्रेड एवं सर्दियों में अधिकतम तापमान 14 डिग्री सेंटीग्रेड रहता है।

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