
अस्पताल में महिलाओं की जांच का प्राइवेट वीडियो हुआ लीक; पोर्न साइट पर अपलोड..
Gujrat Crime News: जब कोई महिला अस्पताल जाती है तो वो खुद को महफूज समझती है लेकिन कई बार कुछ लोगों की लापरवाही की वजह से उनकी निजी वायरल हो जाती हैं। ऐसा ही एक डराने वाला मामला सामने आया है.
Gujrat Crime News: गुजरात के राजकोट में पायल मैटरनिटी हॉस्पिटल में सीसीटीवी सिस्टम को उसके डिफॉल्ट एडमिन लॉगिन पासवर्ड ‘admin123’ के जरिये हैक करने का मामला देश के सबसे परेशान करने वाले साइबर स्कैंडल्स में से एक बन गया है। गुजरात के राजकोट में पायल मैटरनिटी अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज पोर्न मार्केट में पहुंच गए। अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण हैकर्स ने आसानी से सीसीटीवी सिस्टम हैक कर लिया और महिलाओं के अंतरंग वीडियो चुरा लिए। इन वीडियो को टेलीग्राम ग्रुप में 700 से 4000 रुपये में बेचा गया। हैकर्स ने लगभग एक साल तक सिस्टम का एक्सेस रखा और देशभर से 50 हजार क्लिप चुराए। फरवरी 2025 में अपराधी गिरफ्तार हुए।
कैसे हुई हैकिंग?
इस सारे साइबर क्राइम की वजह बना अस्पताल में CCTV कैमरों का डिफॉल्ट पासवर्ड… हैकर्स ने अस्पताल के CCTV सिस्टम को admin123 पासवर्ड से डिफॉल्ट एडमिन लॉगिन किया और फिर महिलाओं के गाइनाकॉलॉजी वार्ड में रिकॉर्ड हुई प्राइवेट फुटेज को चुरा लिया। इसके बाद इन क्लिप्स को इंटरनेशनल पोर्न नेटवर्क्स पर बेचकर करोड़ों रुपये कमा लिए।
नेटवर्क का मास्टरमाइंड परीत धामेलिया एक B.Com ग्रेजुएट है। उसने इस पूरी हैकिंग को अंजाम देने के लिए तीन अलग-अलग सॉफ्टवेयर टूल्स का इस्तेमाल किया। दिल्ली से गिरफ्तार किए गए उसके साथी रोहित सिसोदिया ने अपनी पहचान मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी डिप्लोमा होल्डर के रूप में छिपाई। वह चोरी किए गए लॉगिन से अस्पतालों की लाइव फीड तक पहुंच बनाता था।
कैसे खुला राज?
यह पूरा मामला तब सामने आया जब राजकोट अस्पताल की कुछ फुटेज के टीजर कुछ यूट्यूब चैनलों पर पोस्ट किए गए। इन चैनलों से दर्शकों को टेलीग्राम ग्रुप्स पर ले जाया जाता था, जहां असली वीडियो 700 से 4,000 रुपये तक में बेचे जा रहे थे। हालांकि फरवरी 2025 में मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी, जांचकर्ताओं ने पाया कि ये वीडियो जून तक टेलिग्राम पर एक्टिव थे. इससे साफ है कि यह नेटवर्क एक बेहद संगठित साइबर रैकेट था।
अब भी खतरे में आपकी निजता
सबसे हैरानी वाली बात ये है कि देशभर में कई CCTV सिस्टम आज भी admin123 जैसे फैक्ट्री डिफॉल्ट पासवर्ड पर चल रहे हैं। साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक, यह लापरवाही किसी भी संस्थान को हैकिंग के लिए खुला दरवाज़ा बना देती है।
हैकर्स ने न सिर्फ अस्पताल के सीसीटीवी सिस्टम को हैक किया, बल्कि स्त्री रोग वार्ड में जांच की जा रही महिलाओं के घंटों के अंतरंग फुटेज चुरा लिए। इतना ही नहीं, उन्हें पैसे कमाने से लिए इन फुटेज को एक अंतरराष्ट्रीय पोर्न फेटिश नेटवर्क में डाल दिया। अब यह मामला भारत के सबसे परेशान करने वाले साइबर स्कैंडल में से एक बन गया है।
यह मामला न सिर्फ साइबर सुरक्षा की नाकामी का प्रमाण है, बल्कि यह भी दिखाता है कि एक साधारण पासवर्ड की लापरवाही से लाखों लोगों की निजता कैसे नीलाम हो सकती है।





