वैश्विक राहत के बीच नया खतरा… उत्तर कोरिया ने दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें

North Korea Missile Launch: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच हाल ही में हुए सीजफायर ने जहां वैश्विक स्तर पर राहत की उम्मीद जगाई, वहीं इसी बीच उत्तर कोरिया की एक नई सैन्य कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय चिंता को फिर बढ़ा दिया है। उत्तर कोरिया ने लगातार दूसरे दिन बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण कर यह संकेत दिया है कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र में तनाव अभी भी कम नहीं हुआ है।

दो दिनों में दूसरा मिसाइल परीक्षण
दक्षिण कोरिया की सेना के अनुसार, उत्तर कोरिया ने बुधवार को अपने पूर्वी तटीय शहर वॉनसन से कम दूरी की कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। ये मिसाइलें लगभग 240 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए पूर्वी समुद्र (सी ऑफ जापान) में जाकर गिरीं।

यह लगातार दो दिनों में दूसरा परीक्षण है, जो इस बात का संकेत देता है कि प्योंगयांग अपनी सैन्य गतिविधियों को तेजी से आगे बढ़ा रहा है।

जापान में इमरजेंसी अलर्ट
इस मिसाइल परीक्षण के बाद जापान प्रधानमंत्री कार्यालय ने तुरंत आपातकालीन अलर्ट जारी किया। जापान ने इसे अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया और कड़ी प्रतिक्रिया दर्ज कराई।

सरकार ने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है और सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

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दक्षिण कोरिया और अमेरिका की संयुक्त प्रतिक्रिया
दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) ने पुष्टि की कि मिसाइलें वॉनसन क्षेत्र से दागी गईं। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ मिलकर स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है।

दक्षिण कोरिया ने साफ किया कि वह किसी भी उकसावे वाली कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है। अमेरिका के साथ उसका सैन्य गठबंधन पूरी तरह सक्रिय है।

क्यों बढ़ी चिंता?
विशेषज्ञों के मुताबिक, उत्तर कोरिया अक्सर ऐसे समय में मिसाइल परीक्षण करता है जब वैश्विक स्तर पर बड़े राजनीतिक या सैन्य घटनाक्रम चल रहे होते हैं।

  • यह कदम सैन्य शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है
  • इससे क्षेत्र में सुरक्षा अस्थिरता बढ़ सकती है
  • जापान, दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग और मजबूत हो सकता है

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वैश्विक परिदृश्य पर असर
जहां एक ओर अमेरिका-ईरान सीजफायर से पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद जगी है, वहीं उत्तर कोरिया की यह कार्रवाई यह दिखाती है कि दुनिया के अन्य हिस्सों में तनाव अब भी बना हुआ है। यह घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिए नई चुनौती पैदा कर सकता है, क्योंकि अलग-अलग क्षेत्रों में एक साथ उभरते तनाव वैश्विक स्थिरता को प्रभावित कर सकते हैं।

उत्तर कोरिया का यह लगातार दूसरा मिसाइल परीक्षण एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों का संकेत है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पर क्या कदम उठाता है और क्या कूटनीतिक प्रयासों के जरिए स्थिति को नियंत्रित किया जा सकेगा।

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