हनुमान जी की कृपा से बनेंगे बिगड़े काम, जानें बड़े मंगल का क्या है महत्व

हिन्दू धर्म के अनुसार ज्येष्ठ महीने में आने वाले मंगलवार को बड़ा मंगल के नाम से जाना जाता है। ये नाम कैसे पड़ा और इसका महत्व क्या है, विस्तार से जानें हमारे लेख में।

हिंदू वर्ष का तीसरा महीना ज्येष्ठ होता है और इस महीने में आने वाले मंगलवार को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल के नाम से जाना जाता है। मान्यताओं के अनुसार अगर बड़ा मंगल के दिन हनुमान जी की पूजा की जाए तो विशेष फलों की प्राप्ति भक्तों को होती है। बुढ़वा मंगल को इतना खास क्यों माना जाता है, इससे जुड़ा इतिहास क्या है आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं। 

हनुमान जी के वृद्ध रूप की पूजा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ माह के मंगलवार के दिन हनुमान जी के वृद्ध रूप की पूजा की जाती है इसलिए इस महीने में पड़ने वाले मंगलवार को बुढ़वा मंगल के नाम से जाना जाता है। इसके साथ ही बड़ा मंगल के दिन हनुमान जी की पूजा के साथ ही राम जी की पूजा का भी बड़ा महत्व है। 

इस साल कब है बड़ा मंगल? 
ज्येष्ठ महीने के हर मंगलवार को बड़ा मंगल के नाम से जाना जाता है। ऐसे में ज्येष्ठ के महीने में 4 बार बुढ़वा मंगल मनाया जाएगा। 28 मई के दिन पहला बड़ा मंगल होगा, इसके बाद 4, 11 और 18 जून को बड़ा मंगल है। 

बड़ा मंगल का धार्मिक महत्व 
पौराणिक शास्त्रों के अनुसार ज्येष्ठ माह के मंगलवार के दिन ही भगवान श्रीराम और हनुमान जी की मुलाकात हुई थी। इसी वजह से इस महीने में पड़ने वाले मंगलवार को बड़ा मंगल कहा जाता है। माना जाता है कि इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से जीवन की सभी दुख-तकलीफें दूर हो जाती हैं। दुनिया भर में हनुमान भक्तों के द्वारा इस दौरान विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, लेकिन उत्तर प्रदेश की राजधानी में इस त्योहार की धूम सबसे अलग होती है। माना जाता है कि बड़ा मंगल को पर्व के रूप में मनाने की शुरुआत यहीं से हुई थी। एक बार जब लखनऊ शहर में महामारी फैली तो, नवाब वाजिद अली शाह की बेगम ने ज्येष्ठ मास के मंगल के दिन हनुमान जी की पूजा की थी और उसके बाद महामारी खत्म हो गई थी। तब से यहां बड़ा मंगल बड़े त्योहार की तरह धूमधाम से मनाया जाता है। आइए अब जानते हैं कि इस दिन हनुमान जी की पूजा से क्या लाभ होते हैं। 

बड़ा मंगल के दिन हनुमान पूजा के लाभ 
अगर बड़ा मंगल के दिन हनुमान जी की पूजा करते हैं तो उनके बुद्धि, ज्ञान और बल में वृद्धि होती है। क्योंकि इस दिन ही हनुमान जी भगवान राम से मिले थे इसलिए हनुमान जी की पूजा के साथ ही श्रीराम का ध्यान या नाम जप भी इस दिन आपको करना चाहिए। इस दिन हनुमान चालीसा के पाठ से भय से मुक्ति आपको मिलती है और घर परिवार में सुख-समृद्धि आती है। जो लोग माया-मोह के बंधनों से ऊपर उठना चाहते हैं उनको भी हनुमान जी की पूजा से आध्यात्मिक उत्थान मिलता है। 

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