अब बरेली से हल्द्वानी पहुंचना होगा आसान… 100 KM लंबे एक्सप्रेसवे पर काम शुरू

UP News: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। जल्द ही National Highways Authority of India यानी NHAI बरेली से हल्द्वानी तक एक नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाने जा रहा है। करीब 100 किलोमीटर लंबे इस आधुनिक एक्सप्रेसवे के निर्माण की तैयारी तेज कर दी गई है और इसके लिए जमीन के सीमांकन का काम भी शुरू हो चुका है।

माना जा रहा है कि यह परियोजना दोनों राज्यों के बीच यात्रा, व्यापार और पर्यटन को नई रफ्तार देगी।

सफर होगा आसान, समय की होगी बड़ी बचत
फिलहाल बरेली से हल्द्वानी तक यात्रा करने में लोगों को ट्रैफिक जाम और खराब सड़क जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। लेकिन नए एक्सप्रेसवे के बनने के बाद सफर काफी तेज और आरामदायक हो जाएगा। अनुमान है कि यात्रा का समय कई घंटों तक कम हो सकता है।

यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के Bareilly को सीधे उत्तराखंड के Haldwani से जोड़ेगा। इससे रोजाना यात्रा करने वाले लोगों, कारोबारियों और पर्यटकों को बड़ा फायदा मिलेगा।

व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक्सप्रेसवे केवल सड़क परियोजना नहीं बल्कि एक बड़ा आर्थिक कॉरिडोर साबित होगा। उत्तराखंड से आने वाले फल, सब्जियां और अन्य उत्पाद तेजी से उत्तर प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों तक पहुंच सकेंगे। वहीं यूपी के औद्योगिक और कृषि उत्पादों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

इसके अलावा नैनीताल, भीमताल और कुमाऊं क्षेत्र में पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। हल्द्वानी उत्तराखंड के प्रमुख प्रवेश द्वारों में से एक माना जाता है, ऐसे में एक्सप्रेसवे बनने से पर्यटकों की आवाजाही आसान होगी।

ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की क्या है खासियत?
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का मतलब ऐसी नई सड़क से है जिसे पूरी तरह नए रूट पर विकसित किया जाता है। इससे पुरानी सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होता है और तेज गति से यात्रा संभव हो पाती है।

बताया जा रहा है कि इस एक्सप्रेसवे को आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार किया जाएगा। इसमें चौड़ी लेन, सर्विस रोड, सुरक्षा बैरियर और अत्याधुनिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम शामिल हो सकते हैं।

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सीमांकन का काम शुरू
परियोजना को लेकर प्रशासनिक स्तर पर गतिविधियां तेज हो गई हैं। एक्सप्रेसवे के लिए जमीन चिन्हित करने का काम शुरू कर दिया गया है। कई क्षेत्रों में सर्वे टीमों ने मौके पर पहुंचकर सीमांकन प्रक्रिया शुरू कर दी है।

स्थानीय किसानों और व्यापारियों में इस परियोजना को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। हालांकि कुछ जगहों पर जमीन अधिग्रहण को लेकर चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित लोगों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।

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यूपी और उत्तराखंड को मिलेगा बड़ा फायदा
यह एक्सप्रेसवे दोनों राज्यों के बीच आर्थिक और सामाजिक संपर्क को और मजबूत करेगा। दिल्ली-एनसीआर से उत्तराखंड जाने वाले यात्रियों के लिए भी यह नया मार्ग काफी उपयोगी साबित हो सकता है।

सरकार का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा, नए रोजगार पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। फिलहाल लोगों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य कब तक शुरू होता है और इसे पूरा होने में कितना समय लगेगा।

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