
UP में करोड़ों का ब्याज माफ! 5 साल बाद लागू हुई OTS स्कीम, लाखों डिफॉल्टर्स को राहत
UP OTS Scheme: UP सरकार ने लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर ‘एकमुश्त समाधान योजना (OTS)’ लागू कर दी है। इस योजना के जरिए प्रदेश के लाखों डिफॉल्टर्स को बड़ी राहत मिलने जा रही है। खास बात यह है कि इस स्कीम के तहत दंड ब्याज (Penalty Interest) पूरी तरह माफ कर दिया जाएगा।
📌 5 साल बाद मिली राहत, प्राधिकरणों को भी होगा फायदा
करीब 5 साल बाद लागू हुई इस योजना से जहां डिफॉल्टर्स को राहत मिलेगी, वहीं विकास प्राधिकरणों को भी अपनी अटकी हुई रकम वापस मिलने की उम्मीद है। अकेले मेरठ जिले में ही 4,400 से अधिक आवंटियों पर करीब 7,551 करोड़ रुपये बकाया है।
📊 कौन होगा डिफॉल्टर के दायरे में?
मेरठ विकास प्राधिकरण के अनुसार, वे सभी लोग डिफॉल्टर माने जाएंगे जिनकी किस्त 90 दिन से अधिक समय से लंबित है। इस स्कीम में प्रॉपर्टी और मानचित्र से जुड़े सभी डिफॉल्टर्स को शामिल किया गया है।
💰 भुगतान के नियम क्या हैं?
- 50 लाख रुपये तक बकाया:
- 30 दिन में 1/3 भुगतान अनिवार्य
- शेष राशि 3 महीने में किश्तों में जमा
- 50 लाख रुपये से अधिक बकाया:
- कुल 7 महीने का समय भुगतान के लिए
- देरी होने पर:
- 1 महीने का अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा
🌐 ऑनलाइन-ऑफलाइन दोनों सुविधा
आवंटियों की सुविधा के लिए आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किया जा सकता है। प्राधिकरण कार्यालय में हेल्पडेस्क बनाई गई है और एसएमएस/ईमेल के जरिए भी लोगों को जानकारी दी जा रही है।
🏢 आवास विकास परिषद में भी लागू
यह योजना आवास एवं विकास परिषद के आवंटियों पर भी लागू है। मेरठ में लगभग 715 डिफॉल्टर्स चिन्हित किए गए हैं। EWS, LIG और MIG श्रेणियों के लिए अलग-अलग फीस निर्धारित की गई है।
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⚠️ 100% भुगतान जरूरी, वरना नहीं मिलेगा लाभ
OTS योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित समय में पूरा भुगतान करना अनिवार्य है। यदि कोई आवंटी 90% भुगतान करता है और बाकी नहीं चुकाता, तो उसे योजना का फायदा नहीं मिलेगा।
जो लोग इस योजना का लाभ नहीं उठाएंगे, उनके खिलाफ भविष्य में सख्त कार्रवाई की जा सकती है।





