ईरान-इजरायल जंग में पाकिस्तान की एंट्री? सऊदी बुलावे पर पहुंचे शहबाज शरीफ…

Middle East Tension: मध्य-पूर्व में बढ़ते युद्ध संकट के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ अचानक जेद्दाह पहुंचे, जहां उन्होंने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान से अहम मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब Iran, Israel और United States के बीच तनाव युद्ध के स्तर तक पहुंच चुका है और पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता बढ़ गई है।

सूत्रों के मुताबिक, सऊदी नेतृत्व ने पाकिस्तान को तत्काल बातचीत के लिए बुलाया था। बताया जा रहा है कि मुहम्मद बिन सलमान पाकिस्तान की मौजूदा भूमिका से संतुष्ट नहीं हैं और उन्होंने इस मुद्दे पर सीधे शहबाज़ शरीफ से जवाब मांगा।

सऊदी अरब की नाराजगी क्यों?
रिपोर्टों के अनुसार सऊदी अरब चाहता है कि पाकिस्तान क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर खुलकर उसका साथ दे। खासकर ईरान के साथ बढ़ते टकराव के बीच सऊदी नेतृत्व इस बात को लेकर चिंतित है कि पाकिस्तान तटस्थ रुख अपनाए हुए है।

सऊदी अरब का मानना है कि इस संकट की घड़ी में पाकिस्तान जैसे करीबी सहयोगी देश को उसकी सुरक्षा रणनीति में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। इसी वजह से शहबाज़ शरीफ को जेद्दा बुलाकर सीधे बातचीत की गई।

यह भी पढ़ें…

भारत के जहाजों को सुरक्षित रास्ता देगा ईरान… लेकिन बदले में क्या चाहता है तेहरान?

क्या पाकिस्तान जंग में उतर सकता है?
विश्लेषकों का कहना है कि पाकिस्तान के लिए यह स्थिति बेहद मुश्किल है। एक तरफ सऊदी अरब उसका पुराना रणनीतिक और आर्थिक साझेदार है, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान की सीमाएं Iran से भी लगती हैं और दोनों देशों के बीच सुरक्षा और व्यापारिक संबंध भी मौजूद हैं।

ऐसे में पाकिस्तान खुलकर किसी एक पक्ष के साथ खड़ा होता है तो क्षेत्रीय संतुलन बिगड़ सकता है। फिलहाल पाकिस्तान सरकार आधिकारिक तौर पर यही कह रही है कि वह पश्चिम एशिया में शांति और कूटनीतिक समाधान का समर्थन करती है।

यह भी पढ़ें…

मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच नॉर्थ कोरिया ने दागी बैलेस्टिक मिसाइल, क्या छिड़ गई एक और जंग?

क्षेत्रीय राजनीति पर असर
मध्य-पूर्व में जारी इस संकट ने पूरे इलाके की राजनीति को प्रभावित कर दिया है। अगर Saudi Arabia और Iran के बीच तनाव और बढ़ता है, तो पाकिस्तान पर भी दबाव बढ़ सकता है कि वह किसी एक पक्ष का खुलकर समर्थन करे।

विशेषज्ञों का मानना है कि मुहम्मद बिन सलमान और शहबाज़ शरीफ की यह मुलाकात आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया की रणनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

यह भी पढ़ें…

Iran की शर्तों पर टिकी जंग की दिशा… अमेरिका-इजरायल करेंगे फैसला?

Back to top button