क्या आ रहे हैं ये अजीब बदलाव? हो सकता है पेरिमेनोपॉज का संकेत…

Symptoms Of Perimenopause: महिलाओं में पीरियड्स बंद होने यानि मेनोपॉज से पहले पेरिमेनोपॉज के लक्षण दिखते हैं। हॉट फ्लैशेज, पीरियड्स से जुड़ी समस्याओं के बारे में तो सभी समझती हैं।

Symptoms Of Perimenopause: मेनोपॉज वह स्थिति है जब महिलाओं में लगातार 12 महीनों तक माहवारी बंद हो जाती है। आमतौर पर यह 45 से 55 वर्ष की उम्र के बीच होता है। इस दौरान शरीर में हार्मोन, खासकर एस्ट्रोजन के स्तर में बदलाव होने लगते हैं, जिससे कई शारीरिक और मानसिक लक्षण दिखाई देते हैं।

लेकिन मेनोपॉज अचानक नहीं आता। इसके पहले एक ट्रांजिशन पीरियड होता है जिसे पेरिमेनोपॉज कहा जाता है। इस चरण में महिलाओं को अनियमित पीरियड्स, हॉट फ्लैशेज, मूड स्विंग्स, नींद की समस्या और थकान जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं।

मेनोपॉज से पहले की स्टेज है पेरिमेनोपॉज

नाम से ही पता चल रहा कि ये मेनोपॉज से पहले की स्टेज है। जिसमे महिलाओं को अनियमित पीरियड्स, हॉट फ्लैशेज, मूड स्विंग्स जैसे लक्षण नजर आते हैं। न्यूट्रिशनिस्ट अमिता गदरे के मुताबिक, कई बार पेरिमेनोपॉज के संकेत इतने हल्के या असामान्य होते हैं कि महिलाएं उन्हें किसी और समस्या से जोड़ लेती हैं और असली कारण समझ ही नहीं पातीं।

पेरिमेनोपॉज के कुछ अजीब लेकिन आम लक्षण

1. स्वाद में बदलाव महसूस होना

कई महिलाओं को इस दौरान खाने का स्वाद अलग लगने लगता है। नमक या मसाले का टेस्ट पहले जैसा महसूस नहीं होता। हार्मोनल बदलाव स्वाद की संवेदनशीलता को प्रभावित कर सकते हैं।

2. गंध के प्रति ज्यादा संवेदनशीलता

कुछ महिलाओं को ऐसी गंध महसूस होने लगती है जो आसपास मौजूद लोगों को महसूस नहीं होती। इसे कभी-कभी “फैंटम स्मेल” भी कहा जाता है, जो हार्मोनल बदलाव से जुड़ा हो सकता है।

3. कान में खुजली या असहजता

पेरिमेनोपॉज के दौरान त्वचा और म्यूकस मेम्ब्रेन में सूखापन बढ़ सकता है। इसी वजह से कानों में खुजली या जलन जैसी समस्या भी महसूस हो सकती है।

4. कानों में सीटी बजने जैसी आवाज (टिनाइटिस)

कई महिलाओं को अचानक कानों में सीटी, भनभनाहट या बजने की आवाज सुनाई देती है। इसे टिनाइटिस कहा जाता है और यह हार्मोनल उतार-चढ़ाव के कारण हो सकता है।

5. बिना वजह शरीर पर नीले या काले निशान

कुछ महिलाओं को अचानक शरीर पर चोट जैसे नीले धब्बे दिखने लगते हैं, जबकि उन्हें याद नहीं होता कि कहीं चोट लगी हो। हार्मोनल बदलाव और पोषण की कमी इसके पीछे कारण हो सकते हैं।

6. खुद पर भरोसा कम होना या सेल्फ-डाउट

पेरिमेनोपॉज के दौरान कई महिलाएं “ब्रेन फॉग” या मानसिक भ्रम का अनुभव करती हैं। इससे याददाश्त कमजोर लग सकती है या खुद पर भरोसा कम हो सकता है।

क्यों होते हैं पेरिमेनोपॉज के लक्षण

पेरिमेनोपॉज के दौरान शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का स्तर धीरे-धीरे बदलने लगता है। यही हार्मोनल उतार-चढ़ाव शरीर के कई अंगों और सिस्टम, जैसे दिमाग, त्वचा, मेटाबॉलिज्म और इंद्रियों पर असर डालता है।इसी वजह से सिर्फ पीरियड्स से जुड़े बदलाव ही नहीं, बल्कि कई अजीब और अनदेखे लक्षण भी सामने आ सकते हैं।

हर महिला में लक्षण अलग हो सकते हैं

विशेषज्ञों का कहना है कि पेरिमेनोपॉज के लक्षण हर महिला में अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ महिलाओं में यह बदलाव हल्के होते हैं, जबकि कुछ में ज्यादा स्पष्ट दिखाई देते हैं। अगर इन लक्षणों के साथ अनियमित पीरियड्स, हॉट फ्लैशेज, नींद की कमी या लगातार मूड स्विंग्स महसूस हों, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है।

क्यों जरूरी है जागरूकता

अक्सर महिलाएं इन छोटे-छोटे बदलावों को सामान्य थकान, उम्र या तनाव समझकर नजरअंदाज कर देती हैं। लेकिन समय रहते इन संकेतों को पहचानना जरूरी है, ताकि सही डाइट, लाइफस्टाइल और मेडिकल सलाह से इस ट्रांजिशन को आसानी से मैनेज किया जा सके। विशेषज्ञों के मुताबिक संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम और तनाव प्रबंधन पेरिमेनोपॉज के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं।

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