
प्लास्टिक कचरा बनेगा संसाधन… बक्सर में रीसाइक्लिंग से तैयार होंगी बेंच-कुर्सियां
Bihar News: बिहार के सीतामढ़ी जिले से जुटाया गया सिंगल यूज प्लास्टिक अब बेकार नहीं जाएगा। इसे प्रोसेसिंग के लिए Buxar भेजा जाएगा, जहां पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) के जरिए प्लास्टिक से बेंच, कुर्सियां और अन्य उपयोगी सामान तैयार किए जाएंगे। इस पहल से न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
चार प्रखंडों से जुटाया गया प्लास्टिक
सीतामढ़ी के चार प्रखंडों में स्वच्छता अभियान के तहत सिंगल यूज प्लास्टिक का विशेष संग्रहण अभियान चलाया गया। घर-घर से प्लास्टिक कचरा इकट्ठा कर उसे अलग किया गया, ताकि उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण हो सके।
बक्सर में होगा प्रोसेसिंग
इकट्ठा किया गया प्लास्टिक बक्सर स्थित रीसाइक्लिंग यूनिट में भेजा जाएगा। यहां मशीनों के जरिए प्लास्टिक को पिघलाकर उससे बेंच, कुर्सियां, डस्टबिन और अन्य उपयोगी उत्पाद तैयार किए जाएंगे। इन उत्पादों का उपयोग स्कूलों, पंचायत भवनों और सार्वजनिक स्थलों पर किया जा सकेगा।
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा
सिंगल यूज प्लास्टिक का खुले में फेंका जाना या जलाया जाना पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा है। इस पहल से प्लास्टिक कचरे का सुरक्षित निपटान होगा और प्रदूषण में कमी आएगी। साथ ही स्वच्छता मिशन को भी मजबूती मिलेगी।
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युवाओं को मिलेगा रोजगार
रीसाइक्लिंग यूनिट में स्थानीय युवाओं को काम मिलेगा। कचरा छंटाई, मशीन संचालन, पैकेजिंग और वितरण जैसे कार्यों में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
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मॉडल प्रोजेक्ट बन सकता है
प्रशासन का मानना है कि यदि यह पहल सफल रही तो इसे बिहार के अन्य जिलों में भी लागू किया जा सकता है। इससे कचरा प्रबंधन की समस्या का समाधान होगा और प्लास्टिक को संसाधन में बदला जा सकेगा।
यह पहल ‘कचरे से कमाई’ की अवधारणा को साकार करती है, जहां पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन दोनों को एक साथ बढ़ावा दिया जा रहा है।
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