
Rahul Gandhi के धरने पर सियासी घमासान, कांग्रेस ने PM और शिक्षा मंत्री से मांगा इस्तीफा…
CJP Protest in Delhi: राजधानी दिल्ली में छात्रों और युवाओं पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सियासी टकराव तेज हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के निकट लोक कल्याण मार्ग पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी करीब डेढ़ घंटे से अधिक समय तक धरने पर बैठे रहे, जबकि कांग्रेस ने ऐलान किया कि विरोध प्रदर्शन जरूरत पड़ने पर रातभर जारी रहेगा।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच कई बार तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। पुलिस ने नारेबाजी कर रहे कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
राहुल गांधी से मिलने पहुंचे केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह
धरने के दौरान एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम तब सामने आया जब केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह प्रधानमंत्री आवास के पास धरने पर बैठे राहुल गांधी से मिलने पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच कुछ देर बातचीत हुई। हालांकि बातचीत में क्या चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई।
इस मुलाकात के बाद राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
कई कांग्रेस नेता हिरासत में
विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं और सांसदों को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए नेताओं में कन्हैया कुमार, चरणजीत सिंह चन्नी और के. सुरेश समेत कई अन्य कांग्रेस नेता शामिल हैं।
पुलिस ने प्रदर्शन स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
PM और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि हाल ही में छात्रों और युवाओं पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शन में शामिल नेताओं का कहना था कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।
सोनम वांगचुक का बयान
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं के साथ जिस तरह की कथित क्रूरता और बेरहमी दिखाई गई है, उसे देखते हुए वह अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगे।
उनके बयान के बाद आंदोलन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
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कांग्रेस का दावा- रातभर जारी रहेगा धरना
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि पार्टी का विरोध प्रदर्शन रातभर भी जारी रह सकता है। उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों के साथ हुई कथित ज्यादती के लिए जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक कांग्रेस अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।
पार्टी नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन केवल राजनीतिक नहीं बल्कि युवाओं के भविष्य और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा है।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
प्रधानमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए। कई मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई और आने-जाने वालों की जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए आसपास के इलाकों में यातायात भी प्रभावित रहा।
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राजनीतिक हलचल तेज
प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस का यह प्रदर्शन राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। एक ओर कांग्रेस इसे छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई बता रही है, वहीं दूसरी ओर सरकार की ओर से अभी तक इस प्रदर्शन पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद और सड़कों दोनों पर राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
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